इटवा। तहसील सभागार में सोमवार को संपूर्ण समाधान दिवस का आयोजन किया गया। पेशकार के देर से पहुंचने पर डीएम ने इटवा से डुमरियागंज के लिए स्थानांतरण करने का फरमान सुना दिया। सफाई व्यवस्था सही नहीं मिलने पर नाराजगी व्यक्त की। फरियादियों की समस्याओं को सुना और मौके पर जाकर निस्तारण करने का निर्देश दिया। सुनवाई में 70 मामले आए, जिसमें दो मामलों का निस्तारण हुआ।
सोमवार को इटवा में आयोजित हुए संपूर्ण समाधान दिवस में जिले के डीएम 9 बजकर पांच मिनट पर तहसील परिसर में पहुंचे। तहसील परिसर में पहुंचते ही ईओ संदीप कुमार से सड़कों में गड्ढे व साफ-सफाई को लेकर नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि भोर में पांच बजे तक पटरियों की साफ-सफाई पूर्ण हो जानी चाहिए। कहा कि कस्बे में गंदगी बर्दाश्त नहीं है। उसके बाद तहसील में नजारत अनुभाग, राजस्व संग्रह अनुभाग, भूलेख अनुभाग, भूलेख अभिलेखागार, माल बाबू पटल आदि का बारी बारी से निरीक्षण किया।
इस दौरान एसडीएम इटवा के पेशकार राजेश पांडेय की अनुपस्थिति पर उन्हें डुमरियागंज स्थानांतरित करने का फरमान सुनाया। उनके इस फरमान से सभी कर्मी सकते में आ गए। दीवारों पर गंदगी को लेकर डीएम काफी नाराज दिखाई दिए। उनकी इस नाराजगी का असर उनके जाने के बाद भी रहा। संबंधित पटलों के कर्मी अपने कक्ष में पान अथवा पान मसाला खाएं लोगों से मिलने में परहेज करते देखे गए। निरीक्षण के बाद संपूर्ण समाधान दिवस में पहुंचे डीएम ने बारी-बारी से फरियादियों की शिकायती पत्र की सुनवाई प्रारंभ की। इसमें सबसे अधिक शिकायत राजस्व विभाग से संबंधित रही।
ग्राम बयारी के एक मामले में पशुचर भूमि की पैमाइश न करने की ग्राम प्रधान इकबाल अहमद की शिकायत पर डीएम ने तीन दिनों के अंदर लेखपाल को पैमाइश करने को कहा और न करने पर स्वयं मौके पर पहुंचने की बात कही। बयारी के जमीरूल्लाह ने लेखपाल को हटाने की मांग की। इस दौरान जिले के सभी विभागों के विभागाध्यक्ष अथवा उनके प्रतिनिधि मौजूद रहे।
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समाधान दिवस में आए इतने मामले
सोमवार को समाधान दिवस में आए कुल 70 मामलों में राजस्व विभाग 42, विकास विभाग 5, पुलिस विभाग 8, विद्युत विभाग 3, आपूर्ति विभाग 2 और अन्य 10 मामले शामिल रहे।