शहर के बारात में डीजे के धुन पर नाचते लोग। संवाद
सिद्धार्थनगर। सहालग शुरू होते ही जहां एक ओर खुशियों का माहौल है, वहीं दूसरी ओर चिड़चिड़ापन और अव्यवस्था बढ़ती जा रही है। कानफोड़ू डीजे की धमक रिहायशी इलाकों तक सुनाई दे रही है, जिससे परीक्षा की तैयारी कर रहे छात्र परेशान हैं।
तेज ध्वनि पर बराती झूमते नजर आ रहे हैं और उनके पीछे राहगीरों का लंबा जाम लग जा रहा है। हालत यह है कि बरात हटने के बाद ही जाम से निजात मिल पा रही है। मजबूरी में लोग घंटों अनायास बरात के पीछे धीरे-धीरे चलने को विवश हैं।
शहर में ध्वनि प्रदूषण का स्तर लगातार बढ़ता जा रहा है। प्रमुख मार्गों के किनारे बसी कॉलोनियों में रात में चैन की नींद लोगों के लिए दूभर हो गई है। खिड़की-दरवाजे बंद करने के बावजूद बरात गुजरते समय तेज ध्वनि से घरों में कंपन महसूस हो रहा है। आतिशबाजी से भी लोगों की बेचैनी बढ़ गई है। इसके साथ ही शहर का आवागमन पूरी तरह बाधित हो रहा है। मुख्य सड़कों पर भी लोग आसानी से निकल नहीं पा रहे हैं। शहरी यातायात से लेकर रोडवेज बसें और भारी वाहन किसी न किसी बरात के पीछे फंसे हुए दिखते हैं।
शहर के प्रमुख मार्गों तुलसियापुर चौराहा, सिविल लाइंस, रोडवेज बस स्टेशन, नौगढ़-शोहरतगढ़ रोड, पकड़ी चौराहा और स्टेशन रोड पर रात 11 बजे तक यही दृश्य देखने को मिल रहा है। जगह-जगह पूरी सड़क घेरकर बरात निकाली जा रही है। बैंड-बाजा और डीजे की कर्कश ध्वनि के साथ सड़क पर ही आतिशबाजी की जा रही है। इस दौरान आम राहगीर और मरीजों को ले जा रहे वाहन बुरी तरह फंस जा रहे हैं। खुशी के माहौल में सड़क खाली कराने के लिए पुलिस भी कई जगहों पर नदारद नजर आ रही है।
मैरिज हॉल खुले, पार्किंग नदारद: वरिष्ठ नागरिक उपेंद्र कहते हैं कि कमाई की होड़ में शहर में मैरिज हॉल और होटलों की संख्या तेजी से बढ़ी है, लेकिन अधिकांश जगहों पर पार्किंग की समुचित व्यवस्था नहीं है। मानकों की अनदेखी के चलते जाम लग रहा है।
शहर के बारात में डीजे के धुन पर नाचते लोग। संवाद