पडरौना। बदलते मौसम के साथ डायरिया का प्रकोप भी बढ़ रहा है। तापमान में उतार-चढ़ाव से छोटे बच्चों के साथ बड़े लोगों की भी रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर पड़ रही है। लोग संक्रमण की चपेट में आ रहे हैं। मेडिकल कॉलेज में रोजाना करीब 25 से अधिक लोग डायरिया की शिकायत लेकर पहुंच रहे हैं। इनमें से कुछ लोगों को भर्ती भी करना पड़ रहा है।
मेडिकल कॉलेज के वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. उपेंद्र चौधरी ने बताया कि इस समय खानपान में थोड़ी भी लापरवाही लोगों के लिए परेशानी बन रही है। दूषित पानी, बासी भोजन और बाहर मिलने वाले खुले खाद्य पदार्थ संक्रमण को बढ़ावा देते हैं। छोटे बच्चों के अलावा बड़े लोगों में बार-बार दस्त, उल्टी, पेट दर्द, बुखार और कमजोरी जैसे लक्षण देखे जा रहे हैं। समय पर इलाज न मिलने से शरीर में पानी की कमी की समस्या हो रही है। इस मौसम सावधानी बरतने की जरूरत है। बदलते मौसम में लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है। बदलते मौसम में सावधानी बरतकर डायरिया से बचा जा सकता है। बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. कमलेश वर्मा ने बताया कि बदलते मौसम में बच्चे डायरिया की चपेट में आ रहे हैं। अभिभावकों को बच्चों के खानपान पर विशेष ध्यान रखने की जरूरत है। इस समय वायरल संक्रमण भी लोगों को परेशान कर रहा है। अभी बच्चों के लिए सावधानी बरतने की जरूरत है।
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अभिभावक बरतें सावधानी
- बच्चों को उबला या शुद्ध पानी ही पिलाएं।
- घर का बना ताजा भोजन दें।
- हाथ साबुन से धुलने की आदत डालें।
- बाजार की चाट-पकौड़ी, कटे फल और खुले में बिकने वाले खाद्य पदार्थों से परहेज करें।
- दस्त होने पर ओआरएस का घोल लें।
- कोई भी परेशानी होने पर तुरंत चिकित्सक से परामर्श लें।