सिद्धार्थनगर। दो दिन से बादलों की आवाजाही के बीच बुधवार को एकाएक मौसम का मिजाज बदल गया। एक दिन में मौसम के तीन रंग दिखे। सुबह बूंदाबांदी, दोपहर में बारिश और शाम चार बजे धूप खिल गई। बारिश से जहां किसानों को राहत मिली। वहीं, मौसम भी खुशगवार लगा। बारिश के बाद वसंत ऋतु का असर दिखा। कारण न्यूनतम तापमान ने मंगलवार की तुलना में दो अंकों की बड़ी उछाल लगा दी। बारिश से सड़कें कीचड़ से सन गई और लोगों को आने- जाने में कठिनाइयों का सामना पड़ा।
फरवरी की शुरुआत बारिश के साथ हुई थी। एक से चार फरवरी तक बादल और बूंदाबांदी के साथ हल्की बारिश हुई थी। हालांकि इस बारिश से किसानों को बहुत लाभ नहीं मिला था। लेकिन मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक दो दिनों से बादलों की आवाजाही जारी थी। बुधवार सुबह की शुरुआत घने-काले बादल और बूंदाबांदी से शुरू हुई। बादलों की आवाजाही जारी रही और दोपहर तकरीबन एक से दो बजे के बीच लगभग एक घंटे मध्यम बारिश हुई। इसके बावजूद ठंड का असर नहीं दिखा।
वसंत ऋतु की शुरुआत ने एहसास करा दिया। कारण मंगलवार की तुलना में न्यूनतम तापमान दो अंकों की उछाल के साथ 12.5 दर्ज किया। जबकि अधिकतम तापमान 22 डिग्री दर्ज की गई। जबकि मंगलवार को न्यूनतम 10 डिग्री और अधिकतम 23 डिग्री दर्ज किया गया था। किसान सूर्य प्रकाश तिवारी, सोमई यादव, रत्नेश शुक्ल आदि ने बताया कि यह बारिश हर फसल के लिए लाभदायक है।
घोसियारी प्रतिनिधि के अनुसार बुधवार की दोपहर हुई बारिश से गेहूं की फसल को संजीवनी मिल गई है। क्षेत्र के रामाशीष, रामनिवास, लक्ष्मण, राधे रमण, शिवकुमार का कहना है कि यह बारिश गेहूं की फसल के लिए अच्छी है। लेकिन सरसों मटर आलू की फसल के लिए नुकसानदायक है।
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बोले कृषि विशेषज्ञ
बारिश से हर फसलों को लाभ हुआ है। खास करके गेहूं की फसल के लिए काफी लाभदायक है। अगर बारिश नहीं होती तो नवंबर में बोई गई गेहूं की फसल की सिंचाई करनी पड़ती। बारिश से किसानों को लाभ हुआ है।
-डॉ. एसके मिश्र, कृषि वैज्ञानिक, कृषि विज्ञान केंद्र सोनहा