सिद्धार्थनगर। नौनिहालों को कुपोषण मुक्त कराने के लिए प्रशासन की तैयारी पर मंगलवार को पानी फिर गया। प्रशासनिक कागजी तैयारी का असर यह रहा कि जिले के 3112 आंगनबाड़ी केंद्रों में से 1623 केंद्रों पर पहले चरण में वजन दिवस होना था, लेकिन अधिकांश केंद्रों पर एनएनम और आशा को वजन करने के लिए मशीन ही नहीं मिली। जिससे केंद्र पर वजन हुआ ही नहीं। वहीं कुछ क्रेंद्रों पर वजन हुआ है, लेकिन विवरण नहीं मिल सका है।
आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की हड़ताल का भी इस अभियान पर असर दिखा। शिक्षा व स्वास्थ्य विभाग के सहयोग से संचालित कार्यक्रम में ऐन वक्त पर कई क्षेत्रों में आशाओं के भी आंख तरेरने से जिम्मेदार पूरे दिन हलकान रहे। हालांकि इन तमाम अव्यवस्थाओं के बावजूद स्वास्थ्य विभाग ने अभियान की प्रगति पर संतोष जताया है। उसका, शोहरतगढ़, बांसी, मिठवल, डुमरियागंज सहित कई ब्लाकों में आशाओं को मनाने में स्वास्थ्य विभाग के अफसर दिनभर हलकान रहे। जैसे-तैसे आशाएं मानी भी तो बच्चों के वजन के लिए उन्हें तौल मशीन उपलब्ध नहीं हो सका। कंट्रोल रूम के मुताबिक पहले दिन पांच वर्ष तक के कुल 196200 बच्चों के वजन का लक्ष्य रखा गया था।
इसके सापेक्ष प्रगति अच्छी रही। देर शाम तक इसकी विस्तृत रिपोर्ट जुटाने में जिम्मेदार लगे रहे। इस संबंध में जिला कार्यक्रम अधिकारी आरके त्रिपाठी का कहना था कि कार्यकर्ताओं की हड़ताल के बावजूद वजन दिवस का कार्यक्रम संतोषजनक रहा। स्वास्थ्य व शिक्षा विभाग के सहयोग से उम्मीद से भी अधिक परिणाम मिले हैं। कुछ स्थानों पर दिक्कत थी, लेकिन उसे भी तत्काल दूर करा दिया गया। तौल हुए बच्चों का विवरण अभी जुटाया जा रहा है।
लोटन। शासन के निर्देश पर मंगलवार को प्रत्येक एएनएम एवं आशा कार्यकर्ता प्राथमिक विद्यालयों पांच वर्ष तक के बच्चों का तौल करना था। ताकि उनके स्वास्थ में सुधार किया जा सके। जानकारी व तौल मशीन के अभाव में अधिकतर जगहों पर वजन दिवस कार्यक्रम नहीं हो सका। हालांकि कुछ जगहों पर ही तौल हो सका। शासन के मंशा के अनुसार पांच वर्ष तक बच्चों का वजन दिवस कार्यक्रम कर तौल करना था, ताकि वजन के हिसाब से बच्चों का स्वास्थ सुधार किया जा सके। बच्चों की सूची बाल विकास विभाग की ओर से देना था, जिसमें एएनएम एवं आशा कार्यकर्ता व हर प्राथमिक विद्यालय के शिक्षकों के माध्यम से होना था। मगर जानकारी के अभाव में अधिकतर जगहों पर वजन दिवस कार्यक्रम पूरी तरह फेल दिखा। क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय लोटन, बनियाडीह, देऊरवा, महदेइया, खीरीडिहा,भुसौला, एकडेगवा, रमवापुर, बरडाड़ बरगदही, खखरा, तरघौना आदि गांवों में तौल हुआ। वजन दिवस में स्वास्थ सुपरवाइजर बीजी चौधरी व आशा कार्यकर्ता पुनीता कसौधन, तारा राय, कुसुमलता चौबे, दयावती सिंह, सुशीला, नीलम मिश्रा, नफीस, बंदना आदि ने अपने- अपने केंद्रों पर मौजूद रहे।