‘हमने निभाया धर्म, आप भी हों जागरूक’
कोरोना काल में शहीद हुए चिकित्सकों को दी गई ऑनलाइन श्रद्धांजलि
आईएमए और अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से की गई संगोष्ठी
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। आईएमए और अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से डॉक्टर-डे के मौके पर कोरोना काल में शहीद हुए गोरखपुर-बस्ती मंडल के चिकित्सकों को ऑनलाइन माध्यम से श्रद्धांजलि दी गई। इस मौके पर आयोजित संगोष्ठी में चिकित्सा विशेषज्ञों ने कोरोना की तीसरी लहर से निपटने की चुनौतियों पर प्रकाश डाला।
ऑनलाइन संगोष्ठी में सीएमओ डॉ. संदीप चौधरी ने कहा कि कोरोना काल में अपनी जान को जोखिम में डालकर चिकित्सकों ने चिकित्सा धर्म निभाया। हर किसी को चाहिए कि जागरूक होकर खुद के साथ अपने लोगों की सुरक्षा करने में महत्वपूर्ण योगदान दें। कोरोना वायरस से बचना है तो उससे आगे रहने की आवश्यकता है। कोरोना की पहली और दूसरी लहर में हमने जो लापरवाही की है, उसे दोहराने से बचना चाहिए। कोविड वायरस अपना स्वरूप बदल रहा है। डेल्टा वैरिएंट ज्यादा खतरनाक है। इसकी चपेट में आने वाले लोगों के अंग तेजी से बेकार हो रहे हैं, जबकि यह तेजी से फैल रहा है। इसी अवधि में बचने के लिए सभी को सतर्क रहना होगा। सीएमओ डॉ. चौधरी ने बतौर मुख्य अतिथि कहा कि कोरोना की तीसरी लहर से निपटने के लिए जिले के अस्पतालों में बेड और ऑक्सीजन की सुविधा बढ़ा दी गई हैं। जिनमें कोरोना के लक्षण होने की आशंका हो, चिकित्सक से बीमारी न छिपाए। आईएमए के अध्यक्ष डॉ. एमपी कसौधन ने कहा कि कोरोना काल ने जो दर्द दिया है, उसे कभी भुलाया नहीं जा सकता है। जिन चिकित्सकों ने शहादत दी है, उन्हें नमन करना है। आईएमए की ओर से हमेशा लोगों को जागरूक किया जाएगा।
पोस्ट कोविड मौतों से लेनी चाहिए सबक
आईएमए के सचिव डॉ. विमल द्विवेदी ने कोरोना काल में शहीद हुए गोरखपुर-बस्ती मंडल के सभी चिकित्सकों को नमन किया। उन्होंने कहा कि कोरोना के दूसरी लहर में सिद्धार्थनगर में डॉ. संजय जायसवाल को खोया है, वे हमारे दिलों में हमेशा जीवित रहेंगे। उन्होंने कहा कि पोस्ट कोविड से मौतें हुई हैं, उससे सभी को सबक लेना चाहिए। जो लोग हृदय, शुगर, हाइपरटेंशन, कैंसर जैसी बीमारियों के मरीज हैं, वे कोरोना वायरस की चपेट आते हैं तो रिपोर्ट निगेटिव होने के डेढ़ माह बाद तक डॉक्टर की निगरानी में रहें। इस संगोष्ठी में जिला अस्पताल के ईएनटी विशेषज्ञ डॉ. संजय शर्मा सहित 13 चिकित्सक शामिल हुए।