-सड़क के पानी के नाली में गिरने के लिए कोई रास्ता नहीं दिया गया
संवाद न्यूज एजेंसी
इटवा। नगर पंचायत के मुख्य कस्बे इटवा का बुरा हाल है। मामूली बारिश से सड़कों पर हुए जलभराव से राहगीरों की परेशानियां बढ़ गई हैं। यह तब है जब इसी रोड पर कस्बे के बड़े-बड़े विद्यालय व तहसील मुख्यालय है। जहां हजारों लोगों का रोजाना आना जाना होता है।
इटवा कस्बे की प्रमुख समस्या जल निकासी है। आमजन इसी को लेकर परेशान रहते हैं। नगर पंचायत की घोषणा से लोगों को इस जल निकासी की समस्या के हल होने की उम्मीद जगी थी। परंतु लोगों की यह उम्मीद स्थायी नहीं रही। कस्बे के बिस्कोहर मार्ग पर एक तरफ नाली का निर्माण कार्य भी हुआ। परंतु सड़क के पानी के नाली में गिरने के लिए कोई रास्ता नहीं दिया गया।
सड़क की तरफ नाली की ऊंचाई व पटरियां ऊंची कर दी गई हैं । इससे मामूली बारिश में ही सड़कों के किनारे जलभराव हो जाता है। इसका निदान नगर पंचायत द्वारा नहीं किया गया है। ऐसा तब है जब इसी मार्ग पर यशोदा देवी कन्या इंटर काॅलेज, माता प्रसाद जायसवाल इंटर काॅलेज, रईस अहमद इंटर काॅलेज, डाॅ. राम मनोहर लोहिया स्नातकोत्तर महाविद्यालय व तहसील मुख्यालय है।
इन संस्थानों में रोजाना हजारों बच्चों सहित अभिभावकों का आना जाना होता है। कस्बे के समाजसेवी दुर्गा प्रसाद जायसवाल कहते हैं कि प्रायः आते-जाते बच्चों के इसी पानी की छींट से कपड़े खराब हो जाते हैं। इससे एक दिन की उनकी पढ़ाई बाधित हो जाती है। इसी मार्ग के निवासी विनोद भी इस जलभराव से दुखी हैं। इनका कहना है कि मामूली रास्ता बना देने से जलभराव की समस्या से मुक्ति मिल सकती है । चेयरमैन विकास जायसवाल का कहना है कि शीघ्र ही समस्या का समाधान कराया जाएगा।