देसही देवरिया। सोनहुला-आनंदनगर मार्ग चौड़ीकरण की जद में आ रहे किसानों ने अपनी जमीन के बदले मुआवजे की मांग अब तेज कर दी है।
मुसहरी चौराहे पर प्रभावित किसानों ने बैठक अपनी आवाज उठाई। कहा कि सरकार किसानों के साथ नाइंसाफी न करे, उचित मुआवजा राशि दे। चेताया कि मुआवजा नहीं मिला तो निर्माण कार्य नहीं होने देंगे। सोनहुला रामनगर-आनंदनगर मार्ग चौड़ीकरण के लिए शासन से स्वीकृति मिलने के साथ ही धन जारी हो गया है। बहुत जल्द इस पर निर्माण कार्य शुरू होने वाला है। जानकारी के अनुसार, यह मार्ग 1984-85 में पहली बार बना। इसके बाद बीच में सड़क का चौड़ीकरण भी कराया गया। इसमें किसानों की भूमि का कभी मुआवजा नहीं मिला।
करीब आठ किलोमीटर लंबे इस मार्ग के किनारे बसे बरवा मीरछापर, पौहारी छापर, हरियापार, मुसहरी, मठिया, वृंदावन तवक्कलपुर, बरवा सेमरा सहित करीब 10 गांवों के किसानों की भूमि इस दोबारा मार्ग चौड़ीकरण की जद में आ रही है।
शासन से स्वीकृति मिलने की जानकारी होते ही महेश सिंह, उमेश राव, आलोक सिंह, भानु प्रताप राव, श्रीपति बरनवाल, राधा यादव, रवींद्र सिंह, प्रदीप यादव, रामजीत सिंह, सुरेश यादव, लालजी, भभूती देवी, अनुराधा चौहान, शिवशंकर सिंह आदि किसानों ने क्षति हो रही अपनी भूमि के सर्किल रेट से मुआवजे की मांग की।
इसके लिए मुख्यमंत्री पोर्टल, गोरखपुर व देवरिया पीडब्ल्यूडी को ऑनलाइन शिकायत करने के साथ ही डीएम दिव्या मित्तल से भी मुआवजे की गुहार लगाई।
मुसहरी चौराहा पर प्रभावित किसानों ने बैठक कर अपनी मांग तेज कर दी है। किसानों ने जिम्मेदारों को चेताया कि मनमाने तरीके से जमीन अधिग्रहीत कर ली गई। मुआवजा नहीं मिला तो वह अपनी जमीन नहीं देंगे, निर्माण कार्य नहीं होने देंगे। आर-पार की लड़ाई लड़ेंगे।