बीडीसी और जिला पंचायत के चुनाव में मतदाता सूची की त्रुटियों पर हुए हंगामों से प्रशासन ने फिर कोई सबक नहीं लिया। दूसरे चरण के मतदान में कई बूथों पर मतदाता सूची त्रुटियां सामने आई। लिस्ट से 137 लोगों के नाम गायब होने से पकड़ी गांव के लोगों ने मतदान का बहिष्कार कर दिया।
यहां सुबह एक घंटे तक मतदान शुरू नहीं हो पाया। बाद में एडीएम ने मौके पर पहुंचकर किसी तरह ग्रामीणों को मतदान के लिए मनाया। सुबह सात बजे से मतदान शुरू होते ही पकड़ी गांव के बूथ पर मतदाताओं की भीड़ उमड़ने लगी थी। मतदाता पर्ची लेने काउंटर पर पहुंचे तो बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम लिस्ट से गायब थे।
ग्रामीणों ने एक प्रत्याशी पर जानबूझकर लिस्ट से नाम हटवाने का आरोप लगाते हुए हंगामा मचाना शुरू कर दिया। बूथ पर मतदान कार्य को भी ठप करा दिया। राजाराम, पंकज, हरिओम, नीलम, आशा, अनीता, शालिनी, धर्मराज यादव, रामदेव, कन्हैया आदि ने कहा कि बीडीसी व जिला पंचायत के चुनाव में उन्होंने वोट दिया था।
इस बार साजिश के तहत उनके नाम लिस्ट से हटाए गए हैं। लिहाजा जब तक लिस्ट की खामियां दुरुस्त नहीं की जाती, वह मतदान नहीं होने देंगे। विरोध के चलते सुबह आठ बजे तक यहां मतदान शुरू नहीं हो पाया। मतदान कर्मचारियों की सूचना पर अपर जिलाधिकारी पीके जैन मौके पर पहुंचे।
उन्होंने ग्रामीणों की शिकायत सुनी। आश्वासन दिया कि लिस्ट में जो भी त्रुटियां हैं, उसे दूर कराई जाएगी। एडीएम ने कहा कि जिन मतदाताओं के नाम लिस्ट से कटे हैं, वे दस्तावेज लेकर बुधवार को कार्यालय आएं, जांच की जाएगी। अगर शिकायत सही हुई तो यहां दोबारा मतदान होगा। एडीएम के आश्वासन के बाद ग्रामीण मतदान पर राजी हुए। इसी तरह बगुलहवा गांव में भी लिस्ट से 170 मतदाताओं के नाम गायब थे। बूथ पर तैनात एजेंटों की सूची में उनके नाम थे, जबकि पीठासीन अधिकारी की सूची से नाम नदारद थे।