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भारतीय पुनर्जागरण के प्रणेता थे विवेकानंद

Fri, 12 Jan 2018 10:44 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला सिद्धार्थनगर
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बांसी में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते वक्ता। - फोटो : अमर उजाला
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सिद्धार्थनगर। स्वामी विवेकानंद की जयंती शुक्रवार को जिले में युवा दिवस के रूप में धूमधाम से मनाई गई। इस दौरान विविध कार्यक्रम आयोजित हुए। गोष्ठियों के माध्यम से स्वामी विवेकानंद के विचारों को आत्मसात करने का संकल्प लिया गया। अखिल भारतीय ग्राहक पंचायत की ओर से कौशल विकास संस्थान पर आयोजित कार्यक्रम में शिवपति इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य डॉ.नालिनीकांत मणि त्रिपाठी ने कहा कि स्वामी विवेकानंद की जयंती युवाओं को समर्पित है। युवावस्था में ही उन्होंने देश का मार्गदर्शन किया और देश के साथ विदेश में भी भारत की शान को बढ़ाया।
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वह जाति-पात के घोर विरोधी थे। जयंती पर उन्हें याद करने के साथ ही उनके बताए मार्ग को आत्मसात करने की भी जरूरत है।
 जिला मंत्री कौशलेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि इस मौके पर हमें अच्छा नागरिक बनने की शपथ लेने के साथ बेहतर समाज के निर्माण का संकल्प लेना चाहिए। इस दौरान डॉ.सूर्य नारायण तिवारी, मृत्युंजय सहाय, जेएन तिवारी, अर्जुन मिश्र, संजय सिंह, सुजीत अग्रहरि, प्रमोद मिश्रा आदि मौजूद रहे। वहीं इटवा के मझौवा चौराहे पर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने स्वामी विवेकानंद की जयंती धूमधाम से मनाई।
चित्र पर माल्यार्पण के बाद तहसील संयोजक शिवानंद पांडेय ने कहा कि आज का दिन पूरे देश में उत्साह और खुशी के साथ राष्ट्रीय युवा दिवस युवा दिवस के रूप में मनाया जाता है। नजर अध्यक्ष अमितेश मिश्रा ने कहा कि स्वामी विवेकानंद प्रत्येक युवा के हृदय में जीवित हैं और हमेशा युवा पीढ़ी का मार्गदर्शन कर रहे हैं। इस अवसर पर दीपक त्रिपाठी, शनि गौड़, अमरेश मौर्य, आशीष त्रिपाठी, अमित त्रिपाठी, खालिद, सोनू निगम, ज्ञानेश्वर, सिद्धार्थ आदि उपस्थित रहे। 
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ब्लॉक के अहिरौला में स्वामी विवेकानंद जयंती, राष्ट्रीय युवा दिवस के रूप में मनाई गई। इस मौके पर गायत्री शक्ति पीठ के महादेव प्रसाद त्रिपाठी ने कहा कि स्वामी विवेकानंद मौजूदा समय में भी युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत हैं। उन्होंने अपने ज्ञान, स्वाभिमान और धर्म की जानकारी से पूरे विश्व में हिंदुत्व के प्रकाश को फैलाया। शिकागो के सर्व धर्म सम्मेलन में उन्होंने अपने देश और धर्म की ध्वजा लहराई। परसा के ग्राम प्रधान रामचंद्र शुक्ल ने कहा कि देश के युवाओं को स्वामी विवेकानंद के आदर्शों से सीख लेनी चाहिए। इस मौके पर हियुवा के ब्लॉक अध्यक्ष सुग्रीव चौधरी, डॉ. अमित शर्मा, प्रवीण यादव, राममनोहर चौधरी ने भी लोगों को संबोधित किया। अंत में कार्यक्रम के आयोजक राष्ट्रीय ग्रामीण युवा समाज सेवा संघ के अध्यक्ष सुनील केसी ने अतिथियों के प्रति आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर रमेश शर्मा, गोपाल, बरसाती पासवान आदि मौजूद रहे।
सांस्कृतिक राष्ट्रवाद के प्रतिपादक थे स्वामी विवेकानंद
बांसी। स्थानीय रतनसेन महाविद्यालय में राष्ट्रीय सेवा योजना के बैनर तले स्वामी विवेकानंद की जयंती के उपलक्ष्य में युवा सप्ताह समारोह का शुभारंभ शुक्रवार को हुआ। इसमें वक्ताओं ने स्वामी विवेकानंद के जीवन पर प्रकाश डाला। 
मुख्य अतिथि महाविद्यालय के पूर्व प्राचार्य प्रो. कालिका प्रसाद त्रिपाठी ने कहा कि आधुनिक भारत के निर्माण में स्वामी जी का महत्वपूर्ण योगदान रहा। विद्यार्थियों को अपने मानसिक और आध्यात्मिक बल का विकास करना चाहिए, जिससे उनमें समाज सेवा और राष्ट्र सेवा की भावना विकसित हो सके। आज के कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे राजनीति विज्ञान विभाग के पूर्व विभागाध्यक्ष ओम प्रकाश राय ने कहा कि स्वामी विवेकानंद संस्कृतिक राष्ट्रवाद के प्रतिपादक थे। उनका राष्ट्रवाद पारस्परिक प्रेम पर आधारित था। वह सही अर्थों में भारतीय पुनर्जागरण आंदोलन के अग्रदूत थे।
स्वामी जी ने गुलाम भारत के युवाओं को स्वाधीनता संग्राम से जोड़ा। एनएसएस के पूर्व कार्यक्रम अधिकारी डॉ. मिथिलेश कुमार तिवारी ने कहा कि स्वामी जी विद्वान और दार्शनिक थे। उन्होंने भारतीय दर्शन और अध्यात्म को विश्व स्तर पर स्थापित किया। इस दौरान एनएसएस के कार्यक्रम अधिकारी डॉ.ब्रह्म सिंह, डॉ. शरीफुद्दीन ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर नर्वदा पाठक, आराधना, प्रिया वर्मा, सेजल त्रिपाठी, ममता यादव, दिनेश कुमार, शालिनी गुप्ता, शुभम वर्मा, महिमा दुबे, नेहा विश्वकर्मा ने सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किया। कार्यक्रम में डॉ. निर्मला त्रिपाठी, डॉ. अर्चना मिश्रा, डॉ. संतोष कुमार, डॉ. विजय कुमार, कौशल कुमार शुक्ल, डॉ. अरविंद कुमार मौर्य, मनोज कुमार मौर्य और नंद कुमार दुबे आदि उपस्थित रहे।
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