भवानीगंज। मार्च महीने के पहले सप्ताह से ही गर्मी की तल्खी महसूस होने लगी है। दिन में तेज धूप और शाम ढलते ही गुलाबी ठंड के कारण लोग जुकाम, बुखार, सिर दर्द और बदन दर्द जैसी समस्याओं से परेशान हो रहे हैं। बदलते मौसम का असर सबसे अधिक छोटे बच्चों और बुजुर्गों पर पड़ रहा है। यही वजह है कि इन दिनों सरकारी और निजी अस्पतालों में वायरल फीवर के मरीजों की संख्या बढ़ गई है। चिकित्सक मरीजों को दवा के साथ खानपान और दिनचर्या को लेकर आवश्यक सावधानी बरतने की सलाह दे रहे हैं।
पिछले करीब दस दिनों से डुमरियागंज तहसील क्षेत्र में तेज धूप पड़ रही है। मार्च में ही अप्रैल-मई जैसा तापमान महसूस होने लगा है, वहीं देर शाम ठंडक भी बनी रहती है। मौसम के इस उतार-चढ़ाव के कारण लोग जुकाम, बुखार और वायरल फीवर से प्रभावित हो रहे हैं। बहेरिया निवासी दिलीप पांडेय ने बताया कि बदलते मौसम का असर लोगों के स्वास्थ्य पर साफ दिखाई दे रहा है और कई लोग सर्दी-जुकाम से परेशान हैं।
लटिया चौराहा के डॉ. कुलदीप दूबे ने कहा कि इस समय सभी को सावधानी बरतने की जरूरत है। खासकर छोटे बच्चों और बुजुर्गों के खानपान और पहनावे पर विशेष ध्यान देना चाहिए। जरा सी लापरवाही स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक हो सकती है। दलमीरडीह भड़रिया के परवेज अहमद का कहना है कि दिन में गर्मी और रात में ठंडक होने से लोग ज्यादा बीमार हो रहे हैं। इस समय बुजुर्ग और बच्चे सबसे अधिक प्रभावित हो रहे हैं। वहीं भवानीगंज निवासी सोनू यादव के अनुसार मौसम के उतार-चढ़ाव के कारण अस्पतालों में अधिकतर मरीज सर्दी-जुकाम और बुखार के पहुंच रहे हैं। ऐसे में लोगों को अपने स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखने की जरूरत है।