खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत गृहस्थी श्रेणी के परिवारों के नामों की फीडिंग में गड़बड़ियों को लेकर ग्रामीणों ने मंगलवार को आपूर्ति कार्यालय का घेराव किया। सदर विधायक के नेतृत्व में पहुंचे ग्रामीणों ने विसंगतियों के लिए विभागीय कर्मचारियों को जिम्मेदार बताते हुए खरी-खोटी सुनाई।
इस दौरान विधायक ने विभागीय अफसरों को कमियां सुधारने के लिए तीन दिन की मोहलत दी। हिदायत देते हुए कहा कि इस अवधि में त्रुटियां दूर कर वास्तविक पात्रों का चयन सुनिश्चित नहीं किया गया तो अधिकारी स्वयं जिम्मेदार माने जाएंगे।
बर्डपुर नं.11, 12, 13, 14 से आए ग्रामीणों का कहना था कि राशन कार्ड की ऑनलाइन फीडिंग में तमाम त्रुटियां की जा रही है। ऐसे लोगों के नाम शामिल कर लिए गए हैं, जो पात्रता की शर्तों को पूरा नहीं करते। वहीं पात्रों को दरकिनार कर दिया जा रहा है।
चयन में मनमानी चरम पर है। एक बार जिसका नाम सूची में शामिल था, उसे खाद्यान्न भी दिया गया, मगर बाद में उसका नाम हटाकर दूसरों को लाभ दिया जा रहा है। इसके कई उदाहरण भी गिनाए।
ग्रामीणों ने इसके लिए विभागीय कर्मचारियों को सीधे तौर पर जिम्मेदार बताया। ग्रामीणों का नेतृत्व कर रहे विधायक विजय पासवान ने जिला पूर्ति अधिकारी से जवाब तलब करते हुए कहा कि जब लॉगिन आईडी सिर्फ विभाग के पास है तो इससे छेड़छाड़ कैसे ही जा रही है।
जाहिर है कि इसमें कर्मचारियों की मिलीभगत है। गरीबों को सस्ते दर पर खाद्यान्न उपलब्ध कराने की गारंटी सरकार दे रही है, लेकिन विभागीय गड़बड़ियों से इसका लाभ नहीं पहुंच पा रहा। इसे बर्दाश्त नहीं किया जा सकता।
शासन की योजनाओं का लाभ पात्रों तक हर हाल में पहुंचना चाहिए। कड़े लहजे में तीन दिन का अल्टीमेटम देते हुए कहा कि त्रुटियां दूर न हुईं तो अंजाम के लिए जिम्मेदार तैयार रहें। जिला पूर्ति अधिकारी देवमणि मिश्रा ने व्यवस्था में सुधार का आश्वासन दिया।
कहा कि सुरक्षाकर्मियों की तैनाती की जाएगी, जिससे बाहरी लोग कार्यालय में प्रवेश न कर सकें। प्रदर्शन में चंद्रजीत यादव, अब्दुल कलाम, अंजान अली, राजेश यादव, अब्दुल सलाम, हमीरुन्निशा, शाकिया, फूलजहां, कैसरजहां, साजिदा, साहिदा खातून, फूलमती, अब्दुल गनी, महबूब, कुसुम तिवारी, हसीबुन्निशा आदि शामिल रहे।