शोहरतगढ़। चिल्हिया थाना क्षेत्र के अलीदापुर गांव के एक टोले में ईसाई मिशनरियों के धर्म गुरु की ओर से प्रार्थना सभा के जरिये धर्म परिवर्तन कराने का मामला चर्चा में है, लेकिन छह महीनों चल रहे इस खेल के बारे में पुलिस की खुफिया तंत्र फेल साबित हुई। ऐसा हिंदू संगठन से जुड़े लोग आरोप लगा रहे हैं।
गांव के लोगों का कहना है कि अगर विश्व हिंदू महासंघ के पदाधिकारियों इस मामले विरोध नहीं किया होता तो कुछ लोग सैकड़ों लोग का धर्म परिवर्तन कराने कामयाब हो जाते हैं। वहीं, पुलिस धर्म परिवर्तन के आरोप और मामले की जानकारी होने के बाद दो आरोपी दुर्गेश और बृजलाल निवासी अलीदापुर ग्राम पंचायत के खिलाफ केस केस दर्ज कर दोनों को गिरफ्तार कर लिया था।
पुलिस सोमवार को इस दोंनो के विरुद्ध विधिक कार्रवाई कर न्यायालय के समक्ष पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया है। लेकिन पुलिस धर्म परिवर्तन करवाने वाले असली आरोपी को पकड़ नहीं पाई। वह भीड़ का सहारा लेकर भागने में सफल हो गया है। जिसकी पुलिस तलाश कर रही है।
क्षेत्र के अलीदपुर निवासी एक व्यक्ति अपना नाम उजागर न करते हुए बताया कि लगभग छह महीने से गांव के में दुर्गेश और बृजलाल के घर एक ईसाई धर्म का व्यक्ति प्राथना सभाकर गांव के लोगों की बीमारियों को ठीक करने के लिए ईश्वर से प्राथना करता था। गांव के लोग समझते थे। कि वह ईश्वर बात कर रहा है और सभी की बीमारी ठीक कर देगा। धीरे-धीरे आसपास के गांव और बर्डपुर, चिल्हिया, शोहरतगढ़, बजहा, पल्टादेवी सहित आदि जगहों से लोग भारी संख्या में लोग आते थे।
तमाम समस्याओं से मुक्ति दिलाने का झांसा देकर लोगों को ईसाई धर्म के बारे लोगों बाइविल ग्रंथ का कथा सुनकर लोगों ईश्वर की शरण में आने के लिए प्रेरित कर रहा था। लोग धीरे-धीरे धर्म परिवर्तन के लिए मजबूर हो रहे थे। ै