बांसी। तहसील क्षेत्र के सिकटा, मध्यनगर और लोधपुरउवा गांव में संभावित भूमि अधिग्रहण की चर्चा से ग्रामीणों में आक्रोश फैल गया। बुधवार को बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने एनएच-28 स्थित किलकिल रोड मोड़ पर प्रदर्शन कर प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की।
बाद में ग्रामीणों ने तहसील पहुंचकर एसडीएम को ज्ञापन सौंपा और बिना सहमति भूमि अधिग्रहण न किए जाने की मांग उठाई। सिकटा गांव के प्रधान प्रतिनिधि की अगुवाई में ग्रामीण सड़क पर उतर आए। प्रदर्शन कर रहे किसानों का कहना था कि वे पीढ़ियों से संबंधित जमीन पर खेती कर परिवार का भरण-पोषण कर रहे हैं। यदि उनकी उपजाऊ जमीन अधिग्रहित की गई तो छोटे और सीमांत किसानों के सामने गंभीर आर्थिक संकट खड़ा हो जाएगा।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि हाल ही में चकबंदी विभाग के अधिकारी गांव पहुंचे थे और जमीन की पैमाइश की गई थी। इसी के बाद गांव में फैक्ट्री स्थापना के लिए भूमि अधिग्रहण की चर्चा फैल गई, जिससे लोगों में भय और नाराजगी बढ़ गई। किसानों ने कहा कि प्रशासन पहले ग्रामीणों का पक्ष सुने और उनकी सहमति के बिना कोई निर्णय न लिया जाए।
प्रदर्शन के दौरान कुछ देर तक अफरा-तफरी का माहौल बना रहा। सूचना पर प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों को समझाकर शांत कराया। बाद में ग्रामीण प्रतिनिधियों ने तहसील पहुंचकर ज्ञापन सौंपा।
ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि किसी भी कीमत पर अपनी जमीन नहीं देंगे और जरूरत पड़ी तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। ज्ञापन सौंपने वालों में सुनील कुमार, सर्वजीत चौधरी, अर्जुन, रामनरेश चौधरी, विनोद कुमार, विश्वनाथ पांडेय, आशा पटेल और अनिल कुमार सहित कई ग्रामीण शामिल रहे।
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