कानपुर के विशेष ध्यानार्थ
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‘मम्मी मुझे विकास नाम नहीं रखना है’
दुर्दांत विकास के प्रकरण ने 12 साल के बच्चे पर डाला असर
नाम बदल कर अवि जायसवाल रखना चाहता है बालक
ऐहतेशाम उद्दीन अहमद
सिद्धार्थनगर। ‘मम्मी मुझे विकास नाम नहीं रखना है, मेरा नाम बदलवाइए चाहे स्कूल से नाम ही क्यों न कटवाना पड़े।’ 12 साल के विकास जायसवाल के दिलोदिमाग पर कानपुर बिकरू कांड का ऐसा असर पड़ा कि उसे अपने नाम से ही चिढ़ हो गई। विकास चाहता है कि परिवार और स्कूल में अब उसे ‘अवि’ के नाम से जाना जाए।
स्वास्थ्य विभाग में कार्यरत मां वंशिका जायसवाल बताती हैं कि तीन जुलाई को खबर आई कि कानपुर के बिकरू में बदमाश विकास दुबे और उसके साथियों ने आठ पुलिसकर्मियों की हत्या कर दी है। बताती हैं कि इसके बाद से बेटा विकास बेचैन सा रहने लगा। टीवी पर विकास दुबे की खबर चलती तो वह चैनल बदलने की जिद करता, नहीं बदला जाता तो रुआंसा होकर दूसरे कमरे में चला जाता। घटना केे बाद से वह गुमसुम रहने लगा। शुक्रवार को विकास दुबे की मुठभेड़ में मौत की खबर सुनने के बाद उसने कहा कि मम्मी मेरा नाम विकास मत रखो, अब मुुझे ‘अवि’ कह कर बुलाया करो। पहले तो परिवार के सदस्य उसकी बात को मजाक समझा लेकिन अब वह बुलाने पर तब तक जवाब नहीं देता जब तक उसे अवि कहकर नहीं बुलाया जाता। विकास बुलाने पर वह बिल्कुल अनसुना कर देता है। कक्षा आठ में पढ़ने वाले विकास ने बताया कि न जाने क्यों उसे यह नाम काफी खराब लगने लगा, अबसे वह अवि ही है।