तेज धूप में मुरझा रही सब्जी की फसलें
16 रुपये प्रति किलो बिकने वाला आलू हुआ 26 रुपये प्रति किलो
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। गर्म हवाओं से सब्जियां मुरझाने लगी हैं। गर्मी से बचाव के लिए दो-तीन दिन के अंतराल में किसानों को सब्जियों की सिंचाई करनी पड़ रही है। महंगी सिंचाई और मंडियों में सब्जी की आवक कम होने इसके दाम बढ़ने लगे हैं। प्रचंड गर्मी और तेज धूप का असर सब्जियों की खेती पर पड़ रहा है।
शहर में स्थित नवीन सब्जी मंडी में पंद्रह दिन पहले 16 रुपये प्रति किलो बिकने वाला आलू इस समय 26 रुपये प्रति किलो हो गया है। 20 रुपये प्रति किलो बिकने वाला बैगन 40 रुपये किलो बिक रहा है। परवल का भाव 40 रुपया से बढ़कर 70 रुपया प्रति किलो तक पहुंच गया है। इसी तरह टमाटर 20 रुपया से बढ़कर 30 रुपये किलो बिक रहा है। नेनुआ 40, मूली 35, भिंडी 60, करैला 40, लौकी और कोहड़ा 20, पालक 30 रुपये प्रति किलो बिक रहा है।
बढ़ते सब्जियों के दाम का मुख्य कारण किसानों की सब्जी सूखने से है। मंडी में लोगों ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्र के किसानों की फसल पानी के अभाव में सूख रही है। जबकि कुछ किसान अपने बचे हुए फसल में प्रतिदिन शाम को पानी चला रहे हैं। इससे लागत बढ़ गई है और किसानों को महंगे दाम पर सब्जियों को बेचना पड़ रहा है।
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बोली गृहिणी
सब्जियां तो महंगी हैं ही, ऊपर से दाल का दाम भी काफी बढ़ गया है। इससे बजट गड़बड़ होता जा रहा है और गृहस्थी चलाना मुश्किल हो रहा है। महंगाई दिन प्रतिदिन बढ़ती जा रही है।
सरिता मोदनवाल, गृहिणी
गर्मियों के सीजन में हरी सब्जी का दाम आसमान छू रहा है। ऐसे में किचन का बजट बिगड़ रहा है। हरी सब्जियों के साथ-साथ आलू व प्याज के दामों में भी इजाफा हुआ है।
सत्यवती विश्वकर्मा, गृहिणी