बर्डपुर। निमोनिया एवं डायरिया पांच वर्ष से छोटे बच्चों में मृत्यु का प्रमुख कारण हैं। इस बीमारी से निपटने का एक मात्र उपाय पीसीवी वैक्सीन समय पर लगवाना है। गुरुवार को आशा व आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के पांच दिवसीय सम्मेलन को संबोधित करते हुए डॉ. सुबोध चंद्रा ने इन बातों को व्यक्त किए।
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर आशा, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के पांच दिवसीय प्रशिक्षण के तीसरे दिन डॉ. सुबोध चंद्रा ने बताया कि पीसीवी वैक्सीन का टीका प्रत्येक नवजात शिशु को जन्म लेने के छठे सप्ताह, चौदहवें सप्ताह और फिर नौ महीने की उम्र में लगाया जाता है। आशा ही प्रत्येक ग्राम सभा में जन्म लेने वाले बच्चे के टीकाकरण के लिए जिम्मेदार हैं। प्रशिक्षण में बीसीपीएम राजकुमार ने बताया कि पीसीवी वैक्सीन महंगी है। अभी तक यह बाजार में प्राइवेट डॉक्टरों के पास होती थी जिसके एक डोज की कीमत तीन से चार हजार रुपये है।
भारत सरकार इसे नियमित टीकाकरण के अंतर्गत मुफ्त में उपलब्ध करा रही है। प्रत्येक नवजात का टीकाकरण समय पर हो इसके लिए आशा व आंगनबाड़ी कार्यकर्ता तत्परता से कार्य करें। प्रशिक्षण में सूरज चौहान, प्रतिमा देवी, कुसुम देवी, पुष्पांजली मिश्र, शकुंतला, अंकिता मिश्रा, किसलावती, समीना, लक्ष्मी, राधिका, मनोरमा पांडेय, आरती देवी, सरोज बाला पांडेय, सुनीता मिश्रा, प्रेमशीला, सुमन श्रीवास्तव आदि मौजूद रहे।