महिलाओं में होने वाले सर्वाइकल कैंसर के बढ़ते हुए मामले को देखते हुए शुरू हुआ टीकाकरण
14 से 16 वर्ष की किशोरियों को लगेगा टीकाए आने वाले दिनों में कैंसर का खतरा होगा कम
सिद्धार्थनगर। महिलाओं में तेजी से बढ़ रहे सर्वाइकल कैंसर के मामलों पर रोक लगाने के लिए अब टीकाकरण पर जोर दिया जा रहा है। यह ऐसा टीका है, जिसके लगने के बाद आने वाले खतरे से बचा जा सकता है। सरकार ने 14 से 15 वर्ष की किशोरियों के लिए विशेष अभियान शुरू किया है, जिसके तहत ह्यूमन पैपिलोमा वायरस से बचाव का टीका लगाया जा रहा है। माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज में कमरा नंबर 13 में टीकाकरण शुरू हो गया है। इसमें आधार कार्ड दिखाना है, जिससे उम्र की जानकारी हो सके।
नोडल डॉ. नौशाद आलम ने यह जानकारी देते हुए बताया कि टीका बिल्कुल सुरक्षित है। अभिभावकाें को इस आयु वर्ग की बेटियों को टीकाकरण के लिए आगे आने की जरूरत है। क्योंकि, भविष्य में होने वाले खतरे को रोकेगा। सर्वाइकल कैंसर भारत में महिलाओं में होने वाले प्रमुख कैंसरों में से एक है, लेकिन समय रहते टीकाकरण और जांच से इसे रोका जा सकता है। डॉक्टरों के अनुसार, ह्यूमन पैपिलोमा वायरस के संक्रमण से बचाव के लिए यह टीका बेहद प्रभावी माना गया है।
किशोरावस्था में लगने वाला यह टीका शरीर में वायरस के खिलाफ प्रतिरोधक क्षमता विकसित करता है, जिससे आगे चलकर कैंसर बनने की संभावना बहुत कम हो जाती है। मेडिकल कॉलेज के विशेषज्ञों ने अभिभावकों से अपील की है कि वे अपनी बेटियों का समय पर टीकाकरण जरूर कराएं, ताकि आने वाले समय में इस जानलेवा बीमारी से सुरक्षा मिल सके। इस संबंध में टीकाकरण के नोडल डॉ. नौशाद आलम ने बताया कि टीका बहुत ही सुरक्षित है, इससे किसी प्रकार की दिक्कत नहीं है। अभिभावकों को आगे बढ़कर संबंधित आयु वर्ग की बच्चियों को टीकाकरण कराने की जरूरत है। मेडिकल कॉलेज में यह टीकाकरण होगा।
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टीका से लाभ
यह टीका ह्यूमन पैपिलोमा वायरस से बचाव करता है, जो सर्वाइकल कैंसर का मुख्य कारण है
14-15 वर्ष की उम्र में लगवाने से सबसे अधिक प्रभावी
शरीर में वायरस के खिलाफ मजबूत इम्युनिटी बनाता है
भविष्य में सर्वाइकल कैंसर होने की आशंका को काफी कम करता है
सुरक्षित और विश्व स्वास्थ्य संगठनों द्वारा मान्यता प्राप्त टीका