ककरहवा। गौतम बुद्ध वन विहार पार्क में घूमने पहुंचे लोगों की मोटरसाइकिलें वन विभाग द्वारा रोके जाने पर सोमवार को विवाद खड़ा हो गया। स्थानीय लोगों के विरोध के बाद रात करीब नौ बजे वन विभाग ने मोटरसाइकिलों की चाभियां वापस कर दीं।
जानकारी के अनुसार कस्बा निवासी प्रेमचंद्र, अजय कसौधन, कन्हैया गौड़, रिंकू अग्रहरि सहित कई लोग गौतम बुद्ध वन विहार पार्क घूमने पहुंचे थे। आरोप है कि वन चौकी प्रभारी शैलेंद्र यादव ने उनकी मोटरसाइकिलों की चाभियां लेकर वाहनों को वन चौकी में खड़ा करा दिया। इसकी जानकारी मिलने पर बड़ी संख्या में ग्रामीण वन चौकी पहुंच गए और कार्रवाई का विरोध किया।
वन चौकी प्रभारी शैलेंद्र यादव ने बताया कि संबंधित क्षेत्र अब आरक्षित वन क्षेत्र घोषित है। बिना अनुमति प्रवेश नियमों के विरुद्ध है। उन्होंने कहा कि उच्च अधिकारियों के निर्देश पर ही वाहनों को रोका गया था। वहीं स्थानीय लोगों का कहना है कि गौतम बुद्ध वन विहार पार्क का निर्माण आम लोगों और पर्यटकों के भ्रमण के उद्देश्य से कराया गया था। यदि अब यहां प्रवेश प्रतिबंधित है तो इसकी स्पष्ट जानकारी सूचना बोर्ड और अन्य सार्वजनिक माध्यमों से दी जानी चाहिए ताकि लोग अनजाने में नियमों का उल्लंघन न करें और उन्हें अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।
जिला वन अधिकारी नीला एम ने बताया कि आरक्षित वन क्षेत्र में बिना अनुमति प्रवेश करना नियमों के विरुद्ध है। लोगों को जानकारी देने के लिए जल्द ही संबंधित स्थल पर सूचना बोर्ड लगाए जाएंगे।