लोटन। लोटन क्षेत्र के लोटन-सोहास मार्ग पर स्थित एक निजी अस्पताल में प्रसव के दौरान नवजात की मौत हो गई। घटना के बाद परिजनों ने हंगामा किया, जिसके बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित कर सुरक्षा के दृष्टिकोण से फोर्स तैनात कर दी।
मामले में पुलिस ने डॉक्टर नजरुल हसन, पूजा जायसवाल, आशा कार्यकर्ता पुष्पा और मैनेजर के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। अस्पताल संचालक को हिरासत में लेकर पुलिस पूछताछ कर रही है।
परिजनों के अनुसार, रुबी मौर्या (22) को प्रसव पीड़ा होने पर पहले सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लोटन में भर्ती कराया गया था। वहां से स्थिति बिगड़ने पर उसे मेडिकल कॉलेज सिद्धार्थनगर रेफर किया गया, लेकिन रास्ते में उसे कथित रूप से स्थानीय बाजार स्थित सद्भावना हाॅस्पिटल एवं फ्रैक्चर क्लीनिक में भर्ती करा दिया गया। परिजनों का आरोप है कि अस्पताल में प्रसव के दौरान लापरवाही बरती गई, जिसके चलते नवजात की मौत हो गई।
मृत बच्चे के बाबा हरिश्चंद्र मौर्य ने आरोप लगाया कि आशा कार्यकर्ता की भूमिका से लेकर अस्पताल में कथित रूप से गैर-प्रशिक्षित स्टाफ की ओर से प्रसव कराया गया, जिससे यह घटना हुई। परिजनों का यह भी आरोप है कि गैर प्रशिक्षित व आयुर्वेदिक डाॅक्टर नजरुल हसन और महिला कर्मचारी पूजा जायसवाल ने गलत तरीके से इलाज किया। इससे नाराज परिजनों ने जमकर हंगामा किया।
घटना की जानकारी मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और भीड़ को शांत कराया। महिला को उपचार के लिए मेडिकल कॉलेज सिद्धार्थनगर रेफर किया गया, जहां उसका इलाज जारी है। पुलिस ने नवजात के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। मामले में पुलिस ने अस्पताल प्रबंधन और संबंधित लोगों के खिलाफ तहरीर के आधार पर प्राथमिकी दर्ज कर ली है। परिजनों ने आरोप लगाया कि पिछले छह माह से यह अस्पताल बिना पंजीकरण के संचालित हो रहा था। वहीं, स्थानीय लोगों ने भी क्षेत्र में अवैध रूप से चल रहे निजी अस्पतालों पर कार्रवाई न होने को लेकर सवाल उठाए हैं।
सीएचसी अधीक्षक डॉ. अमित चौधरी ने बताया कि घटना की जानकारी मिली है और अस्पताल की जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
थाना प्रभारी हरिओम कुशवाहा ने बताया कि तहरीर के आधार पर डॉक्टर नजरुल हसन, पूजा जायसवाल, आशा कार्यकर्ता पुष्पा और मैनेजर के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।