विश्व शौचालय दिवस पर गोष्ठी में उपस्थित लोग।
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बर्डपुर। सिद्धार्थ यूनिवर्सिटी ने एक और पहल करते हुए रविवार को शिक्षक-अभिभावक सम्मेलन आयोजित किया। वाणिज्य संकाय की ओर से आयोजित कार्यक्रम में पहुंचे अभिभावकों ने सीमावर्ती क्षेत्र में उच्च शिक्षा को लेकर अब तक होती आ रही दुश्वारियों से राहत की बात कही तो यूनिवर्सिटी के प्रयासों को भी सराहा। छात्रों को व्यावहारिक शिक्षा देने पर जोर दिया गया। यूनिवर्सिटी ने भी प्रथम सत्र के विद्यार्थियों के साथ इतिहास लिखने का अभिभावकों को भरोसा दिया। इस दौरान सेमेस्टर में अव्वल रहने वाले मेधावी विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया।
कुलपति प्रो. रजनीकांत पांडेय ने कहा कि जब विद्यार्थी शिक्षक की उम्मीदों पर खरा उतरता है तो माता-पिता से अधिक शिक्षक गौरव महसूस करते हैं। छात्र को व्यक्तित्व व कौशल विकास में पारंगत होना चाहिए। उन्होंने कहा कि भूमंडलीकरण के दौर में वाणिज्य ज्ञान की मांग बढ़ी है। इसीलिए यूनिवर्सिटी ने सबसे पहले वाणिज्य संकाय की शुरुआत किया। हमारा लक्ष्य सबको गुणवत्ता परक शिक्षा प्रदान करना है। उन्होंने अंग्रेजी को रोजगार परक भाषा बताते हुए हिंदी के साथ इसमें भी पारंगत होने पर जोर दिया।
उन्होंने बताया कि शासन की मंशा यूनिवर्सिटी में नई तकनीक से शिक्षा प्रदान करने की है, ताकि यहां से निकलने वाले छात्र जहां भी जाएं संस्थान का नाम रोशन करे। वाणिज्य विभागाध्यक्ष डॉ. दीपक मिश्रा ने कहा कि छात्रों में सर्वांगीण ज्ञान होना आवश्यक है। यूनिवर्सिटी की विभिन्न गतिविधियों से अभिभावकों को अवगत कराया। संचालन डॉ.दिनेश प्रसाद व धन्यवाद ज्ञापित डॉ. शिवम शुक्ला ने किया। इस दौरान कुलसचिव डॉ. वीके पांडेय, परीक्षा नियंत्रक अखिलेश पाल, डिप्टी रजिस्ट्रार महेंद्र पाल, अंगद तिवारी, रामानंद, रामप्रसाद, विक्रम प्रसाद, सुशील आदि मौजूद रहे।