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Siddharthnagar News: फर्जी आधार कार्ड और जन्म प्रमाणपत्र बनाने वाले दो गिरफ्तार

Wed, 17 Jul 2024 01:47 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
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एसओजी और शोहरतगढ़ पुलिस की संयुक्त टीम ने पकड़ा
लैपटॉप, फर्जी प्रमाणपत्र सहित अन्य सामग्री बरामद



संवाद न्यूज एजेंसी



सिद्धार्थनगर। एसओजी और शोहरतगढ़ पुलिस की संयुक्त टीम ने फर्जी आधार कार्ड और जन्म प्रमाणपत्र बनाने वाले गिरोह के दो सदस्यों को सोमवार को कोटिया कस्बे से दबोच लिया। उनके कब्जे से लैपटॉप, फर्जी प्रमाणपत्र सहित अन्य सामान बरामद किए गए हैं। पूछताछ के बाद दोनों आरोपियों को न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।



पुलिस अधीक्षक प्राची सिंह ने बताया कि उन्हें सूचना मिली थी कि भारत-नेपाल सीमा पर शोहरतगढ़ क्षेत्र में कुछ ग्राहक सेवा केन्द्र फर्जी जन्म प्रमाणपत्र, आधार कार्ड बना रहे हैं। इस पर एक विशेष पुलिस टीम का गठन किया गया, जिसमें एसओजी, सर्विलांस व थाना शोहरतगढ़ के पुलिसकर्मी थे। टीम ने क्षेत्र के कस्बा कोटिया बाजार से एबी टेलीकाॅम दुकान से दो व्यक्तियों केश कुमार यादव व नूर आलम को फर्जी जन्म प्रमाणपत्र बनाते समय रंगेहाथ पकड़ लिया। उनके कब्जे से 10 फर्जी जन्म प्रमाणपत्र, 47 आधारकार्ड व बनाने के उपकरण लैपटाप, प्रिन्टर, लेमिनेटर, मोबाइल आदि बरामद किए। इसके बाद थाना शोहरतगढ़ में दोनों के खिलाफ धोखाधड़ी सहित अन्य धाराओं में केस दर्ज करके न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।
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इस प्रकार करते थे फर्जीवाड़ा
पूछताछ में केश कुमार यादव निवासी ग्राम पैकीकास थाना शोहरतगढ़ ने बताया कि उसका एक सगा भाई रामबेलास दिल्ली में रहता है। उसने एक वेबसाइट का लिंक उसे दिया था, जिसकी मदद से वह जन्म प्रमाणपत्र और आधार कार्ड बनाता था। दुधवनिया बुजुर्ग थाना ढेबरुआ निवासी उसका दोस्त नूर आलम भी इसमें शामिल है।
केश कुमार के अनुसार, वेबसाइट लिंक पर क्लिक करने से एक पेज आ जाता है, जिस पर उसने अपनी एक आईडी बनायी है। आईडी और पासवर्ड डालने के बाद इस वेबसाइट के पेज पर फर्जी जन्म प्रमाण पत्र बनाए जाने के लिए एक फार्म खुल कर आता है, जिस व्यक्ति का प्रमाणपत्र बनाया जाना है, उस व्यक्ति का नाम, पिता का नाम, माता का नाम, निवास का पता, जिस अस्पताल में जन्म हुआ उस अस्पताल का नाम, जन्म स्थान, जन्म तिथि आदि विवरण भरा जाता था। समस्त विवरण भरे जाने के उपरांत सबमिट करने पर सरकारी दस्तावेज जैसा जन्म प्रमाणपत्र बन जाता था। जिसे डाउनलोड करके प्रिंट कर लिया जाता था एवं लेमिनेट कर दिया जाता था। समस्त प्रमाण पत्र जारी करने वाले अधिकारी के नाम का डिजिटल हस्ताक्षर व मुहर भी आ जाता था।
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नूर ने बताया कि उसका ग्राहक सेवा केंद्र बढ़नी कस्बे में है, जहां वह फर्जी जन्म प्रमाण पत्र व आधार कार्ड बनाने के लिए ग्राहक से पैसा व उनका विवरण लेकर केश कुमार को ह्वाट्सएप पर भेज देता था। केश कुमार फर्जी आधार प्रमाणपत्र बनाकर उसे ह्वाट्सएप कर देता था, जिसे वह प्रिंट कर ग्राहक को दे देता था।
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