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Siddharthnagar News: पांच लाख के लिए काट देते हैं 35 लाख का ट्रक

Fri, 16 Jun 2023 11:22 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
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सिद्धार्थनगर। जनपद से चोरी होने वाले 30 से 35 लाख के ट्रक महज पांच लाख रुपये के लिए काट दिए जाते हैं। ट्रक का इंजन ढाई लाख रुपये में नेपाल में बेच दिया जाता है। वहीं बाकी के पुर्जों को स्पेयर मार्केट में बेच दिया जाता है। सीरियल नंबर वाले पुर्जे गलाकर लोहा कर दिए जाते हैं। इन सब की बिक्री से ढाई लाख रुपये और मिल जाते हैं। यह खुलासा हुआ है ट्रक चोरी करने वाले गिरोह के छह गुर्गों से पूछताछ में। सभी बुधवार को पकड़े गए थे। आरोपियों ने बताया कि वे 10 से 12 चक्का वाले ट्रकों की ही चोरी करते हैं।
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भारतीय तस्करों के लिए नेपाल मुफीद साबित हो रहा है। सीमावर्ती जनपदों में किसी भी अपराध का खुलासा होने के बाद उसके कनेक्शन कहीं न कहीं नेपाल से जुड़ जाता है। अभी तक बाइक चोरी के 99 प्रतिशत मामले नेपाल से जुड़े होने की बात सामने आती थी। लेकिन जनपद में ट्रक चोरी की वारदात को पर्दाफाश हुआ तो पुलिस के होश उड़ गए। दो दिन पहले मोहाना थाना क्षेत्र के सिकरी चौराहे के पास से चोरी हुई ट्रक और कई ट्रक के इंजन के साथ छह लोगों को एसओजी और मोहाना पुलिस ने पकड़ा था। पकड़े गए ट्रक में लदा इंजन खुले बार्डर से नेपाल ले जाने की योजना था। पकड़े गए गिरोह ने यह खुलासा किया कि ट्रक महाराजगंज जनपद के सोनौली स्थित एक कबाड़ी के यहां कटते हैं। पूछताछ में यह बात भी सामने आई कि गिरोह इंजन और जरूरी पार्ट को नेपाल में बेचता है। इंजन की कीमत नेपाल में भारतीय मुद्रा से ढाई लाख रुपये में बिकता है। यानी यह सच की है चोरी होने वाले ट्रक पार्ट में तब्दील होकर नेपाल पहुंच रहे हैं। इस संबंध में एसपी अमित कुमार आनंद ने बताया कि जनपद में चोरी हुई चार ट्रक के मामले का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। इसमें गिरोह के छह सदस्य पकड़े गए थे, जबकि दो फरार हो गए थे। उनकी तलाश में एसओजी टीम लगी है। मामले की जांच अभी चल रही है।

रेकी करके उठाते थे ट्रक
पुलिस की पूछताछ में पकड़े गए शातिर इकबाल और मुकीम ने बताया था कि वह कस्बों में घूमकर ट्रक को देखते हैं। पहले रेकी करते हैं। इसके बाद अपने पास रखी चाबी से ट्रक को चालू कर लेते हैं। लोकल रूट का सहारा लेकर किसी तरह से महराजगंज पहुंच जाते हैं। कबाड़ी के यहां छोड़ने के बाद उनका काम पूरा। जब सौदा और रुपये मिल जाता है तो आकर बांट लेते हैं।
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पकड़े जाने के वजह से नेपाल में बेचते हैं
पकड़े गए आरोपी मो. कयूम ने पुलिस से पूछताछ में बताया कि जो ट्रक कबाड़ी के यहां देते हैं उसे दो दिन अंदर काटकर अलग-अलग कर बेच दिया गया। ट्रकों के कुछ ऐसे पुर्जे ऐसे होते हैं जिनपर नंबर होते हैं, जिन्हे अपने प्रदेशों में बेचने पर पकड़े जाने का डर रहता है। ऐसे में उन्हें मो. शफीक कबाड़ी की मदद से नेपाल राष्ट्र में ले जाकर बेच देते हैं। यहां केवल इंजन की कीमत ढ़ाई लाख रुपये मिलती है। वहीं, बॉडी और लोहे के अन्य पार्ट को बेचने के योग्य नहीं होते हैं, उन्हें एक कबाड़ी के यहां गला दिया जाता है। इसके बाद वह सरिया बनाने वालों को बेच देते हैं। पार्ट में बदलकर बेचने पर भी एक ट्रक का पांच से सात लाख रुपये मिल जाते हैं।

सूनसान इलाकों से पार करते हैं बार्डर
पूछताछ में यह बात भी सामने आई है कि इंजन और पार्ट को ट्राली और पिकअप के जरिए सीमा पार ले जाते हैं। इसके लिए सूनसान रास्तों को चुनते हैं, जहां कोई रोकने और टोकने वाला नहीं होता है। आसानी से गए और बताए हुए स्थान पर उताकर रात के अंधेरे में वापस हो जाते हैं।

इन जनपदों से चोरी हुए ट्रक का मिला है पार्ट
पुलिस के मुताबिक पूछताछ में पकड़े गए आरोपियों ने यह बताया है कि बस्ती जनपद से दो, प्रतापगढ़ से एक और प्रयागराज से दो ट्रक चोरी करके यहां लाए थे। जिसे काटकर अधिकांश हिस्सा बेच चुके हैं। उन ट्रकों के कुछ पुर्जों को पुलिस ने बरामद भी किया था। ऐसे में इन जनपदों की पुलिस अपराधियों से पूछताछ कर सकती है।
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