सिद्धार्थनगर। शहर के राजकीय इंटर कॉलेज नौगढ़ में कक्षा छह से आठ तक के बच्चे 500 बच्चे इस सत्र में भी जमीन पर बैठकर पढ़ाई करेंगे। कारण, पिछले वर्ष यहां छात्र व छात्राओं की तादाद 700 थी, जबकि बैठने के लिए बेंच-सीट सिर्फ 200 ही। इस वर्ष भी बेंच और सीट की संख्या में बढ़ोतरी नहीं हुई है। इससे इस वर्ष जुलाई से प्रवेश शुरू होगा तो एक बार फिर से स्कूल प्रशासन के सामने यह समस्या आड़े आएगी।
डीआईओएस कार्यालय के पीछे स्थित भवन में पांच वर्ष पूर्व संचालित हुए राजकीय इंटर कॉलेज में मूलभूत सुविधाओं का अभाव है। यहां के 24 कक्षों में मात्र 16 कक्ष ही राजकीय इंटर कॉलेज के लिए इस्तेमाल हो रहे हैं। शेष आठ कक्षों में कौशल विकास मिशन कार्यालय, मतपेटिका रखने समेत अन्य कार्य के लिए उपयोग किया जा रहा है। विद्यालय भवन के अंदर निचले सतह पर बना आंगन बरसात के समय जलभराव से तालाब में बदल जाता है, जिससे हर समय बच्चों को खतरा रहता है। इसी तरह परिसर में बाउंड्रीवाल नहीं होने के कारण भी अध्यापकों व बच्चों को समस्या होती है। प्रभारी प्रधानाचार्य रामनवल सिंह ने कहा कि बच्चों के बैठने के लिए उचित प्रबंध नहीं होने के कारण कक्षा से आठ तक के बच्चे फर्श पर बिछी चटाई पर बैठकर पढ़ाई करते है। नए सत्र में बच्चों की संख्या बढ़ने वाली है इससे और भी दिक्कत होगी।
पचमोहनी में भी बच्चों की सांसत
इटवा क्षेत्र के राजकीय इंटर कॉलेज पचमोहनी में पिछले सत्र में 502 छात्र थे, जिनमें मात्र दो सौ बच्चों के बैठने के लिए ही बेंच व्यवस्था रही। नए सत्र में छात्रों की संख्या और बढ़ेगी लेकिन बेंच समेत अन्य सुविधाएं नहीं बढ़ेंगी। यहां पर संस्कृत व भूगोल विषय समेत छह अध्यापकों के पद रिक्त है। जबकि बेसमेंट नहीं होने के कारण बच्चों एवं शिक्षकों को दिक्कत हो रही है। प्रभारी प्रधानाचार्य अजय शंकर उपाध्याय ने कहा कि छात्रों के लिए बेंच व्यवस्था नहीं होने से दिक्कत हो रही है।