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गर्मी में रुला रही बिजली

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उमस भरी गर्मी में रुला रही बिजली
दिन और रात दोनों समय हो रही है कटौती, लोग बेहाल
शहरी क्षेत्रों में बिजली न रहने से पानी की भी किल्लत
अमर उजाला ब्यूरो
सिद्धार्थनगर। बिजली कटौती से उमस भरी गर्मी में लोग बेहाल हैं। बार-बार बिजली कटौती और लो-वोल्टेज से जहां लोगों की परेशानी बढ़ी है वहीं, इसके कारण शहर में पानी के लिए भी दिक्कतें सामने आ गई हैं। नगरपालिका शहर में पानी नहीं उपलब्ध करा पा रहा है। गर्मी से राहत पाने के लिए लोग हाथवाले पंखे झलने को विवश हैं। वहीं, बिजली निगम के जिम्मेदार समस्या को लेकर गंभीर नहीं हैं।
सूबे की योगी सरकार बिजली व्यवस्था को दुरुस्त करते हुए ग्रामीण क्षेत्रों में 18 और शहरी क्षेत्रों में 20 घंटे बिजली आपूर्ति का दावा कर रही है। लेकिन जिले में दावे के मुताबिक बिजली नहीं मिल रही है। शहर से लेकर गांव तक लोग बिजली कटौती और लो-वोल्टेज आपूर्ति की समस्या से जूझ रहे हैं। बार-बार बिजली कटने से जहां बिजली से चलने वाले उपकरण खराब हो रहे हैं। गर्मी से बेहाल लोगों का दिन तो किसी तरह कट जाता है, लेकिन रात की कटौती लोगों को रुला दे रही है। बिजली की ट्रिपिंग से सबसे अधिक समस्या घरों में रहने वाली महिलाओं और छोटे बच्चों को हो रही है। कारण वह गर्मी से बचने के लिए किसी खुले में स्थान पर भी नहीं जा पा रहे हैं।
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शहर से लेकर गांव तक बिजली कटौती से लोग परेशान हैं। अधीक्षण अभियंता एके श्रीवास्तव ने बताया कि शेड्यूल के अनुसार बिजली आपूर्ति की जा रही है। रही बात कटने की तो लोकल फाल्ट होने पर ही बिजली कटती है। लो-वोल्टेज के पीछे अधिक लोड मुख्य कारण है।
बिजली कटौती से पानी की बढ़ी किल्लत
जिले में बिजली कटौती के कारण नगर पंचायत, नगर पालिका व अपनी सुविधा के लिए लगाए गए मोटर नहीं चल पा रहे हैं। कारण बार-बार बिजली कटने और लो-वोल्टेज के चलते यह तो लोड नहीं उठा पा रहा है या फिर बार-बार बिजली ट्रिपिंग होने से मोटर खराब हो जा रहा है। बिजली व्यवस्था में सुधार न होने के कारण पानी की भी किल्लत बढ़ गई है। सबसे अधिक परेशानी सिद्धार्थनगर नगरपालिका के पुराना नौगढ़ के सात वार्डों की है। जहां पानी न मिलने से लोग परेशान हैं। अगर किसी तरह पानी आ भी रहा है तो वह पीने योग्य नहीं है।
ग्रामीण क्षेत्र के फीडर पर बिजली कटौती अधिक
ग्रामीण क्षेत्र के फीडर पर सबसे अधिक कटौती का खेल हो रहा है। इसमें नगरा, परसरिया, ढेबरुआ, खेसरहा सहित अन्य फीडर शामिल है। लोगों का कहना है कि हर आधे घंटे पर बिजली काट दी जाती है। साथ ही लो-वोल्टेज की भी समस्या है। अगर बिजली खराब होती है तो कई दिनों से उसी हाल में छोड़ दिया जाता है।
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दावा 18 घंटे का, आठ घंटे भी नहीं मिल रही बिजली
ढेबरुआ क्षेत्र के औदही कला गांव निवासी मो. फारुख, मनिकौरा गांव निवासी आशुतोष शुक्ल, जोगिया ब्लॉक सिसवा बुजुर्ग गांव निवासी पवन तिवारी, अमित आदि का कहना है कि सरकार बेहतर बिजली व्यवस्था का दावा कर रही है। मगर उसके विपरीत आपूर्ति की जा रही है। गांव में 18 घंटे बिजली आपूर्ति का नियम है, लेकिन आठ घंटे भी बिजली नहीं मिल पा रही है। जो आपूर्ति होती है, वह भी कई शिफ्टों में। बिजली का कोई लाभ नहीं है।
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