सिद्धार्थनगर। माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल काॅलेज सभागार में बुधवार को फाइलेरिया रोग से बचाव के लिए कार्यक्रम आयोजित किया गया। जिसमें फाइलेरिया के उपचार व बचाव के लिए सभी सीएचसी अधीक्षक व बीसीपीएम को ट्रेनिंग दी गई। इसके बाद ये सीएचओ व एनएम को ट्रेनिंग देंगे। फाइलेरिया मरीज मिलने पर उन्हें तत्काल संबंधित अधिकारियों को जानकारी देंगे।
कम्यूनिटी मेडिसिन विभाग के विभागाध्यक्ष डाॅ. नौशाद आलम ने कहा कि फाइलेरिया रोग से बचाव के लिए लोगों को जागरूक होने की आवश्यकता है। घर के पास गंदगी व पानी नहीं जमा होने दें। मादा क्यूलेक्स प्रजाति का मच्छर इस रोग का संवाहक है। फाइलेरिया रोग के मरीज को तत्काल पता नहीं चलता है, लेकिन इनमें अलग प्रकार के लक्षण होते हैं।
रोगी को ठंडक के साथ बुखार होने की शिकायत होती है। पैर में सूजन आने लगती है। इसे हाथीपांव भी कहते हैं। इससे बचाव के लिए लोगों को दवा का सेवन करना चाहिए। स्वास्थ्य विभाग की ओर से नियमित दवा वितरण किया जाता है।
इस दौरान सुनील चौधरी, समीर सिंह, सुरेंद्र पाल, अमित चौधरी, सभी अधीक्षक, बीसीपीएम व बीपीएम मौजूद रहे।