फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Siddharthnagar News: बार-बार अगलगी से सहमे व्यापारी, मंडी की सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल

Thu, 18 Jun 2026 02:23 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
विज्ञापन
नवीन मंडी स्थल सहियापुर में जली दुकानों की फिर से सुधार करने में जुटे व्यापारी। 
विज्ञापन
सहियापुर मंडी में परिसर में 23 मई को आग से जल गईं थीं कई दुकानें
विज्ञापन

टूटी बाउंड्रीवॉल और सुरक्षा इंतजामों की कमी से बढ़ी चिंता, व्यापारी रातभर कर रहे दुकानों की निगरानी
शाहपुर। नवीन मंडी स्थल सहियापुर में लगातार हो रही अगलगी की घटनाओं ने व्यापारियों की चिंता बढ़ा दी है। मंडी परिसर में जगह-जगह टूटी चहारदीवारी और कमजोर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर व्यापारी सवाल उठा रहे हैं। हालात ऐसे हैं कि, कई व्यापारी अब रातभर जागकर अपनी दुकानों की रखवाली करने को मजबूर हैं।
मंडी परिसर में 23 मई को संदिग्ध परिस्थितियों में लगी आग से कई दुकानें जलकर राख हो गई थीं। इस घटना में व्यापारियों को लाखों रुपये का नुकसान उठाना पड़ा था। इसके बाद 11 जून को एक बार फिर आग लगने की घटना हुई। हालांकि इस बार आग दुकानों तक नहीं पहुंची, लेकिन दुकानों के पीछे रखे फाइबर के कैरेट जल गए। दो व्यापारियों के करीब 2200 कैरेट आग की भेंट चढ़ गए।
विज्ञापन

लगातार हो रही घटनाओं के बावजूद मंडी प्रशासन की ओर से किसी प्रकार की जांच या पड़ताल नहीं कराए जाने से व्यापारियों में नाराजगी है। फल विक्रेता मोहम्मद हुसैन और मोहम्मद इरफान ने बताया कि टूटी बाउंड्रीवॉल के कारण कोई भी व्यक्ति आसानी से मंडी परिसर में प्रवेश कर सकता है। इससे सुरक्षा को लेकर लगातार भय बना हुआ है।


जांच न होने से बढ़ी नाराजगी
व्यापारियों का आरोप है कि, 23 मई की अगलगी की घटना में बड़े नुकसान के बावजूद न तो किसी जिम्मेदार एजेंसी ने जांच कराई और न ही किसी प्रकार की रिपोर्ट दर्ज कराई गई। इसके चलते आग लगने के वास्तविक कारण अब तक सामने नहीं आ सके हैं।
-
दो गार्डों के भरोसे पूरी मंडी
- मंडी की सुरक्षा के लिए छह गार्ड तैनात हैं, जिनकी तीन पालियों में ड्यूटी लगती है। प्रत्येक पाली में दो गार्ड रहते हैं। एक गार्ड प्रवेश द्वार और दूसरा निकासी द्वार पर तैनात रहता है, जबकि पूरे मंडी परिसर की निगरानी सीमित संसाधनों के सहारे की जाती है।
-
बोले व्यापारी
23 मई की अगलगी की घटना में उनकी करीब 15 लाख रुपये की दुकान जल गई थी। किसी प्रकार की आर्थिक सहायता नहीं मिलने पर उन्हें रिश्तेदारों से कर्ज लेकर दोबारा कारोबार शुरू करना पड़ा। - अब्दुल वहाब, फल व्यापारी
विज्ञापन

-

उन्हें करीब 12 लाख रुपये का नुकसान हुआ था। जनप्रतिनिधियों से मिले आश्वासन के बावजूद अब तक कोई सहायता नहीं मिली। - मोहम्मद उस्मान, फल व्यापारी
-

आग में उनकी करीब तीन लाख रुपये की सब्जियां जल गई थीं और उन्हें कर्ज लेकर व्यापार फिर शुरू करना पड़ा। - मोहम्मद रहीस, थोक सब्जी विक्रेता


कोट
मंडी परिसर में लगभग 80 प्रतिशत व्यापारी नियमों के विपरीत टिनशेड लगाकर दुकानें संचालित कर रहे हैं। जहां-जहां बाउंड्रीवॉल टूटी हुई है, उसे जल्द ही दुरुस्त कराया जाएगा। - रामजी यादव, मंडी सचिव
-
अगलगी की प्रमुख घटनाएं
23 मई : कई दुकानें जलकर राख, लाखों का नुकसान
11 जून : फाइबर कैरेट में लगी आग, करीब 2200 कैरेट जले
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें