नेपाल के पहाड़ पर आवजाही करते हुए बादल। स्रोत विज्ञप्ति
सिद्धार्थनगर। जिले में मानसून सक्रिय हो गया है। नेपाल के ऊपरी क्षेत्रों में हो रही बारिश का असर अब तराई की नदियों पर दिखने लगा है। बीते आठ घंटे में जिले के कई गेज स्टेशनों पर नदियों के जलस्तर में बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
हालांकि अभी जिले की सभी प्रमुख नदियां खतरे के निशान से नीचे बह रही हैं लेकिन पहाड़ों और मैदानों में हो रही से प्रशासन ने निगरानी बढ़ा दी है। अगले 24 से 48 घंटे महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं।
सिद्धार्थनगर की ज्यादातर नदियां नेपाल की पहाड़ियों से निकलने वाली नदियों से जुड़ी हैं। वहां होने वाली तेज बारिश का असर कुछ ही समय में राप्ती, बूढ़ी राप्ती, बानगंगा और अन्य नदियों के जलस्तर पर दिखता है। इसी वजह से सिंचाई विभाग लगातार गेज स्टेशनों से जलस्तर की जानकारी जुटा रहा है।
जिले में फिलहाल बाढ़ जैसी स्थिति नहीं है लेकिन नेपाल के ऊपरी इलाकों में बारिश बढ़ने पर नदियों में अचानक उफान आने की आशंका बनी रहती है। इसे देखते हुए राजस्व, आपदा प्रबंधन और सिंचाई विभाग के अधिकारियों के बीच लगातार समन्वय बनाया जा रहा है।
मौसम विभाग ने पूर्वी उत्तर प्रदेश और नेपाल के तराई व पहाड़ी क्षेत्रों में मानसून के सक्रिय बने रहने और अगले कुछ दिनों तक बारिश जारी रहने की संभावना जताई है। ऐसे में जलस्तर में उतार-चढ़ाव को देखते हुए अगले 24 से 48 घंटे महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं। अधिकारियों ने नदी किनारे रहने वाले लोगों से सतर्क रहने की अपील की है।