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यहां गोकशी और चोरी कर बन गए टॉप-10 अपराधी

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चोरी कर बन गए टॉप-10 अपराधी
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थाना स्तर पर 180 और जिला स्तर पर 10 टॉप-10 अपराधी
अधिकांश पर दर्ज है चोरी और गोहत्या के मुकदमा
कई पर गैंगेस्टर और गुंडा एक्ट के तहत हो चुकी है कार्रवाई
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। जिले की पुलिस कानून व्यवस्था को बेहतर बनाने की बात भले ही कर रही है, लेकिन उसके समक्ष कानून व्यवस्था बड़ी चुनौती है। क्योंकि यहां संगीन अपराध करने वाले अपराधी पुलिस की पहुंच से दूर हैं। ऐसे अपराधियों की संख्या एक या दो नहीं। बल्कि इनक की संख्या 190 है और इनके नाम जनपद के टॉप अपराधियों में शुुमार है। इन पर हत्या के प्रयास, लूट, चोरी और गोहत्या जैसे संगीन मामले दर्ज हैं। हाल ही में चोरी के वारदात के दो मामलों में चार टॉप-10 अपराधी जेल भी भेज जा चुके हैं। जिले की बात करें तो यहां इस प्रकार के अपराधियों की लिस्ट काफी लंबी है। थाना स्तर के टॉप-10 में 180 अपराधी सूचीबद्ध हैं और जिला स्तर पर 10 नामित हैं। यह अपराधी बाहर हैं और पुलिस का कहना है कि उनकी गिरफ्तारी का प्रयास जारी हैं। कानून व्यवस्था को का चाक चौबंद बताने वाले पुलिस के सामने यह किसी चुनौती से कम नहीं हैं। एसपी रामअभिलाष त्रिपाठी ने बताया कि टॉप-10 अपराधियों पर कार्रवाई के लिए सभी थानाध्यक्षों निर्देशित किया गया है। उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
इस प्रकार के अपराधी हैं टॉप-10 में शामिल
जिले में अपराध की बात करें तो यहां संगीन के अपराध करने वाले अपराधी कम हैं। यहां जो अपराधी चिन्ह्ति किए गए हैं, उनमें अधिकांश के खिलाफ चोरी और गोहत्या के मामले में दर्ज हैं। वहीं उसके बाद लूट, लूट के दौरान जानलेवा हमला, अवैध शराब के धंधा करने वालों में हैं। इनमें कुछ पेशेवर हैं जो अपराध करने के बाद जेल जाते हैं और छूट करने के बाद फिर अपराध में लिप्त हो जाते हैं।
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इस पर से पुलिस बनाती है टॉप-10 अपराधी
पुलिस विभाग के जानकारों को मुताबिक टॉप-10 अपराधी की सूची में उसी को शामिल किया जाता है। जिसके खिलाफ चोरी के कम से कम मुकदमे दर्ज हों और अगर डकैती का एक भी मामला दर्ज होता है तो वह टॉप-10 अपराधी की सूची में शामिल हो जाता है। वहीं जिले स्तर टॉप-10 अपराधियों की छटनी थाने स्तर से जिले के खिलाफ सबसे अधिक मुकदमे दर्ज होते हैं, उनके जिले के टॉप-10 में शामिल किया जाता है। सूत्रों के मुताबिक जिले स्तर पर टॉप-10 में शामिल होने वाले हर अपराधियों 10 से अधिक मुकदमे हैं। इनमें लूट, चोरी, गोकसी, छिनैती सहित अन्य प्रकार के के दर्ज हैं।
जेल में जाने के बाद थाने के टॉप-10 हो जाते हैं बाहर
पुलिस विभाग के जानकारों के मुताबिक टॉप-10 अपराधी बनाए जाने के पीछे उद्देश्य है कि अपराधी पर निगाह रहे और उसके खिलाफ गुंडा, गैंगेस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की जाए और उन्हें जेल भेजा जा सके। इसलिए टॉप-10 अपराधी के रूप में नामित किया जाता है। जब वह जेल भेज दिए जाते हैं तो फिर उस सूची में एक नए अपराधी का नाम शामिल किया जाता है, जिसके खिलाफ सबसे अधिक आपराधिक मुकदमे दर्ज होते हैं।
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पकड़ा गया था टॉप-10 अपराधी
कुछ माह पूर्व पथरा पुलिस ने पकड़े की दुकान में चोरी करने वाले गिरोह को पर्दाफाश किया था। इसमें थाने का टॉप-10 अपराधी राहुल साथी मुकेश के साथ गिरफ्तार किया गया था। उसके खिलाफ डुमरियागंज, भवानीगंज और मोहाना थाने में चोरी सहित अन्य अपराध के सात मुकदमे दर्ज थे। हाल ही में त्रिलोकपुर पुलिस ने टीम असलहा बनाने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया था। इसमें भी थाने का टॉप-10 अपराधी पकड़ा गया था। उसके खिलाफ, लूट, चोरी सहित विभिन्न अपराधों में 12 से अधिक मुकदमे दर्ज थे।
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