फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Siddharthnagar News: आज होली के रंग में सराबोर होंगे जनपदवासी

विज्ञापन
शहर के रघुवर प्रसाद जयसवाल इंटर कॉलेज में आयोजित होली मिलन समारोह में शामिल लोग। संवाद
विज्ञापन
-जिले में 2473 स्थानों पर जली होलिका, एक दिन पहले चढ़ा होली का रंग, कई संगठन लोगों ने उड़ाए अबीर और गुलाल
विज्ञापन

- बाजार में पूरे दिन खरीदारी करते दिखे लोग, पिचकारी की खरीदारी में व्यस्त दिखे बच्चे
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। रंगोत्सव का पर्व होली आज मनाया जाएगा। जिले के 2473 स्थानों में तय मुहूर्त में होलिका जलाई गई। होली का रंग एक दिन पहले बृहस्पतिवार को लोगों पर चढ़ा नजर आया। जगह- जगह लोगों ने होली खेली और अबीर गुलाल लगाकर शुभकामनाएं दीं।
होली के रंग में जनपदवासी सराबोर होंगे, इसके लिए पूरे दिन खरीदारी करते नजर आए। वहीं, होलिका जलाने के लिए शहर से ग्रामीण क्षेत्रों तक पूरे दिन लकड़ी सहित अन्य इंतजाम करने में जुटे रहे, जिससे शाम को होलिका दहन हो और सुबह राख से होली की शुरुआत हो। वहीं, अस्पताल भी अलर्ट मोड में दिखा। होली के मद्देनजर अतिरिक्त बेड और दवाएं आरक्षित दिखीं। साथ ही डॉक्टरों की ड्यूटी भी लगा दी गई है। होली को सकुशल संपन्न कराने के लिए पुलिस और प्रशासन पूरी तरह से सतर्क है।
विज्ञापन

खुशियों का पर्व होली शुक्रवार को जनपद में मनाई जाएगी। तकरीबन 30 लाख की आबादी वाले जनपद में होली का उल्लास बृहस्पतिवार को ही बाजारों में देखने को मिला। जिला मुख्यालय के अलावा बांसी, डुमरियागंज, इटवा और शोहरतगढ़ तहसील मुख्यालय के अलावा छोटी बड़ी बाजारों में रंग और पिचकारी के साथ ही लोग खोआ और पकवान बनाने वाले अन्य सामान खरीदते हुए दिखे। किराना की दुकान और मिठाई की दुकान पर भीड़ दिखी। होली तो देखते हुए पनीर, खोआ आदि सामग्री लोग खरीद किए। क्योंकि होली के दिन लोग अबीर, गुलाल खेलते हैं, इसलिए दुकानों तक पहुंचने में दिक्कत होती। इसे देखते हुए लोग पहले से ही खरीद किए। कमोबेश जिले के सभी हिस्सों में बाजार का यही हाल रहा है। वहीं, जिले के 2473 स्थानों पर होलिका दहन को लेकर ग्रामीणों ने तैयारी की पूरी कर ली है। तय समय पर रात्रि में होलिका दहन होगा। इसके बाद शुक्रवार सुबह राख से होली की शुरुआत होगी। घटना को देखते हुए मेडिकल कॉलेज से लेकर सामुदायिक और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र अलर्ट मोड में दिखा। क्योंकि तैयारी पूरी नजर दिखी।
-
घटना होने पर तत्काल पहुंचे अस्पताल, तत्काल होगा इलाज
होली को देखते हुए अस्पताल में अतिरिक्त व्यवस्था की गई है। माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज और 14 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर इलाज के लिए अतिरिक्त सुविधा की गई है। यहां पर 24 घंटे की स्पेशल ड्यूटी लगाई गई है। साथ ही सीएचसी और पीएचसी पर तीन से पांच आरक्षित बेड की व्यवस्था की गई है। इसके साथ ही दवा और मरहम की व्यवस्था की गई है, जिससे हादसे के शिकार लोगों का त्वरित इलाज किया जा सके। इसके अलावा एंबुलेंस को भी अलर्ट मोड में रखा गया है। सभी अपने मूवमेंट पर अलर्ट रहेंगे। जैसा ही कहीं कोई घटना होती है तत्काल स्पाट पर पहुंचकर पीड़ित को नजदीकी अस्पताल पर पहुंचाएंगे। इसके लिए अगर कोई घटना होती है तो तत्काल अपने क्षेत्र के नजदीकी अस्पताल पर पहुंचे। वहां पर त्वरित इलाज हो सकेगा।
-
खाने पर दें ध्यान, सेहत पर दिखी असर तो कराएं इलाज
होली पर तला भुना लोग अधिक खाते हैं। इसमें निम्न कोटि का तेल प्रयोग होता है, जिससे कई प्रकार की बीमारी जैसी ब्लड प्रेशर, गैस लीवर में परेशान, हार्ट अटैक का खतरा रहता है। तत्काल उल्टी दस्ता या फिर घबराहट जैसी स्थिति बनती है। ऐसे में अगर आपके साथ इस प्रकार की समस्या हो रही है तो तत्काल नजदीकी अस्पताल पर इलाज करवाएं। क्योंकि यह फूड प्वाइजनिंग हो सकता है। त्योहार में मिलावटी से इस प्रकार की दिक्कत होती है। इसलिए दिक्कत होती है तत्काल इलाज करवाएं।
विज्ञापन

-डॉ. मनोज कुमार त्रिपाठी, फिजिशियन
-
सावधानी से करें रंगों का प्रयोग
होली पर खेले जाने वाला रंग और गुलाल चेहरे पर प्रतिकूल असर डालता है। रंग गाढ़ा हो इसके लिए केमिकल का प्रयोग किया जाता है। चेहरे के साथ- साथ अगर मुंह के अंदर चला जाए तो गले में इंफेक्शन हो सकता है। अगर समय से उपचार न होता घाव हो सकता है। साथ ही नाक के रास्ते जाने से स्वशन क्रिया में दिक्कत होती है। नाक में खुजली के साथ- साथ चलन होती है, जिससे समस्या बढ़ सकती है। इसके अलावा अगर आंख में चला जाए तो रंग तो प्रभाव डालता ही, अबीर में बालू आदि मिला होने के कारण आंख लाल होने के साथ ही जलन और दिक्कत हो सकती है। इसलिए हर्बल रंग का प्रयोग करें। साथ ही खेलते समय मुंह,आंख और नाक बचाने की जरूरत है, जिससे इन अंगों पर प्रभाव न पड़ सके। अगर दिक्कत होती है तो तत्काल इलाज के लिए नजदीकी अस्पताल पर पहुंचे।
-डॉ. संजय कुमार शर्मा, नाक, कान गला रोग विशेषज्ञ
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें