सिद्धार्थनगर। माध्यमिक शिक्षा परिषद की ओर से आयोजित हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की 700 कॉपियों की जांच ही कर सकेंगे। इस बार कॉपी के मूल्यांकन के नियम में बदलाव करते हुए कॉपियों की संख्या निर्धारित कर दी है। एक परीक्षक को एक दिन में हाईस्कूल की 50 और इंटरमीडिएट की 45 कॉपियां जांचने को दी जाएंगी। वहीं, अधिकतम 700 कॉपियां ही जांचने के लिए मिलेंगी। कला विषय के परीक्षक 800 कॉपियां जांच सकेंगे।
जिले के 119 केंद्रों पर यूपी बोर्ड की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की परीक्षा चल रही है। 12 मार्च को आखिरी पेपर होना है। पेपर संपन्न होने के बाद मूल्यांकन की प्रक्रिया शुरू की जाएगी, जो सीसीटीवी कैमरे की नजर में होगी। माध्यमिक शिक्षा परिषद के कार्यालय से सीधे नजर रखी जाएगी। हर साल तीन केंद्र पर मूल्यांकन होता है। इस बार अभी बनाने की प्रक्रिया चल रही है। परीक्षा के मूल्यांकन में नियम में बदलाव कर दिया गया है। विभाग से जुड़ी जानकारी के अनुसार इसी के साथ बोर्ड ने मूल्यांकन की तैयारियां तेज कर दी है। मूल्यांकन के लिए निर्देश तैयार किए रहे हैं।
विभाग से जुड़े लोगों की मानें तो पिछले वर्षों में कई बार यह शिकायत सामने आई थी कि शिक्षकों को बहुत अधिक संख्या में कॉपियां जांचने के लिए दे दी जाती थीं। ऐसे में समय की कमी और कार्य के दबाव के कारण मूल्यांकन में जल्दबाजी हो जाती थी, जिससे अंकन में त्रुटियों की आशंका बढ़ जाती थी। इन परिस्थितियों को देखते हुए इस बार परिषद ने कॉपियों की संख्या निर्धारित करने का निर्णय लिया है। मूल्यांकन कार्य शुरू होने से पहले केंद्रों पर व्यवस्थाओं को दुरुस्त किया जा रहा है। केंद्र व्यवस्थापकों को भी निर्देश दिए गए हैं कि शिक्षकों को तय मानक के अनुसार ही उत्तर पुस्तिकाएं उपलब्ध कराई जाएं। इसके अलावा मूल्यांकन प्रक्रिया की निगरानी भी की जाएगी, ताकि किसी प्रकार की अनियमितता न हो सके।
इस संबंध में डीआईओएस अरुण कुमार ने बताया कि बोर्ड से मिले दिशा-निर्देश के अनुसार मूल्यांकन कार्य कराया जाएगा।