संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। खाद के लिए किसान समितियों पर लाइन में लगने को विवश हैं। यूरिया के लिए धक्के खाने पड़ रहे हैं। निजी दुकानों पर जिंक देकर किसानों से अधिक वसूली की जा रही है।
वहीं, तस्कर निजी दुकानों से मुंहमांगी कीमत पर खाद लेकर नेपाल पहुंचा दे रहे हैं। दो दिन के भीतर एसएसबी और पुलिस की टीम ने सीमावर्ती क्षेत्र से 150 बोरी यूरिया पकड़ा है।
सीमावर्ती क्षेत्र के लोगों का कहना है कि पूरी रात खाद की तस्करी हो रही है। पिकअप से लेकर बाइक और साइकिल से खाद सीमा पार पहुंचाई जा रही है। ककरहवा के एक व्यक्ति ने बताया कि उसके जानने वाले दो लोग यही काम करते हैं।
15 दिन का सीजन हैं, 25-35 हजार रुपये कमा लेंगे। जितना चक्कर उतने रुपये मिलते हैं। ककरहवा बार्डर ही नहीं, बल्कि अलीगढ़वा, बजहा, खुनुवां और कोटिया में इसी प्रकार तस्करी हो रही है। प्रतिदिन 500-700 बोरी खाद नेपाल पहुंच जा रही है। तस्कर और दुकानदारों के गठजोड़ में इस धंधे को रंग चढ़ा हुआ है।
16 दिसंबर को 50 बोरी यूरिया पकड़ा : 16 दिसंबर को एसएसबी और पुलिस की टीम ने कोटिया, ककरहवा और नरकुल क्षेत्र में सर्च ऑपरेशन चलाया। जांच के दौरान बाइक और साइकिल से यूरिया लेकर नेपाल ले जाते समय सात लोगों को पकड़ा गया। इसके कब्जे 50 बोरी यूरिया बरामद किया गया। बरामद यूरिया को खुनुवां और बढ़नी कस्टम को सुपुर्द कर दिया गया था।
17 दिसंबर को 109 बोरी यूरिया बरामद :17 दिसंबर को एसएसबी ने जिले की 68 किमी सीमा में विशेष चेकिंग अभियान चलाया। पिकअप, बाइक और साइकिल पर लदा 109 बोरी यूरिया बरामद किया गया। पकड़े गए आरोपियों में नेपाल और भारत के रहने वाले तस्कर शामिल थे। पकड़े गए आरोपियों और यूरिया कस्टम को सुपुर्द कर दिया है। पूछताछ में सभी ने नेपाल लेकर जाने की बात स्वीकार की है।
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