विधायक ने डीएम से की पुलिस की शिकायत
सभासदों ने दिन में समर्थन का पत्र दिया, रात में वायरल हुआ समर्थन नहीं देने का पत्र
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। अपना दल (एस) के नेता एवं शोहरतगढ़ क्षेत्र के विधायक विनय वर्मा के धरने पर छठवें दिन रविवार को भी कोई गतिरोध नहीं आया। नगर पालिका परिषद कार्यालय के समक्ष धरना स्थल पर बैठे विधायक और उनके समर्थक दिनभर पुलिस पर आरोप लगाते रहे। पुलिस अधीक्षक प्राची सिंह को हटाने की मांग को लेकर शुरू हुए विधायक के धरने को समर्थन देने के मामले में अब खींचतान शुरू हो गई है। विधायक ने शनिवार को जिन सभासदों के समर्थन का पत्र मीडिया को दिया, उनमें तीन सभासदों की ओर से समर्थन नहीं देने का पत्र उसी रात में वायरल होने लगे। समर्थन पर यह खींचतान भी चर्चा का विषय बन गया है।
विधायक विनय वर्मा ने शनिवार रात करीब 10 बजे जिलाधिकारी डॉ. राजागणपति आर के मोबाइल पर बात करते हुए आरोप लगाया कि बढ़नी के जिन सभासदों व व्यापारियों ने उन्हें समर्थन दिया हैं, पुलिस उनके घर जाकर उनसे जबरिया सादे कागज पर हस्ताक्षर करवा रही है। विधायक ने जिलाधिकारी से बात करते हुए वीडियो रिकॉर्डिग कराई और कुछ देर बाद ही वीडियो वायरल होने लगी, जबकि उन्होंने जिलाधिकारी से यह भी कहा कि मैं आपका फोन जनता के सामने टेप कर रहा हूं ताकि साक्ष्य सुरक्षित रहे।
विधायक ने कहा कि वह शांतिपूवर्क धरना दे रहे हैं, लेकिन पुलिस अधीक्षक प्राची सिंह उनके समर्थकों पर दवाब बनाने की कोशिश कर रही हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि इस मामले में वे न्यायालय की शरण ले सकते हैं। विधायक ने कहा कि पुलिसिया तंत्र मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की छवि खराब कर रही है। इस मामले में जिलाधिकारी डॉ. राजा गणपति आर ने कहा कि शिकायत का संज्ञान लेकर नियमानुसार कार्यवाही की जा रही है।
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विधायक धरने पर...पार्टी खामोश
विधायक विनय वर्मा के धरना के मामले में उनकी पार्टी अपना दल (एस) के खामोश होने की चर्चा है। विधायक के धरना से पहले पार्टी के कार्यवाहक प्रदेश अध्यक्ष राजकुमार पाल ने धरना को विधायक का निजी निर्णय बता दिया था, लेकिन जिस मामले में भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह ने विधायक ने बात की, उस हाई प्रोफाइल मामले में पार्टी मुख्यालय की ओर से बातचीत नहीं होने की बात सामने आ रही है। उधर, इसी मामले में आईजी बस्ती आरके भारद्वाज ने विधायक की शिकायत की जांच की और यह रिपोर्ट विधानसभा सचिवालय में भेज दी गई है, जिस पर लोग कयास लगा रहे हैं।
विधायक ने पुलिस पर जो भी आरोप लगाए हैं, उसके साक्ष्यों के साथ उच्चाधिकारियों से शिकायत करें तो जांच हो जाएगी।
-प्राची सिंंह, पुलिस अधीक्षक