-पूछताछ केंद्र पर भी नहीं रहता कोई भी कर्मचारी
-माइक खराब कैसे हो यात्रियों को बस की जानकारी
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। डिपो में एलाउंस माइक खराब होने से व पूछताछ केंद्र पर संबंधित व्यक्ति के नदारद रहने से यात्रियों को असुविधा का सामना करना पड़ता है। ऐसे में डिपो पर आने वाले यात्रियों को संबंधित रूट पर जाने वाली बस को खोजने के लिए इधर-उधर भटकना पड़ता है, जिससे कई बार यात्रियों को असुविधा भी होती है।
रोडवेज डिपो में वर्तमान में लगभग 58 बसें हैं। इसमें अधिकतर बस लंबी दूरी पर चलती है, लेकिन एक साथ डिपो पर कई बसें लगी होने से यात्रियों को अपने रूट की बस की सही जानकारी नहीं मिल पाती है। इससे यात्रियों को बसों की जानकारी के लिए भटकना पड़ता है। ऐसे में कई बार पूछताछ केंद्र से भी संबंधित व्यक्ति नदारद रहता है। जो यात्रियों के लिए मुसीबत बन जाती है। रविवार को डिपो पर गोरखपुर जाने के लिए बस का इंतजार कर रहीं सोनी व ममता ने बताया कि डिपो पर बसों की संख्या बढ़ने से यात्रियों को सुविधा मिल रही है, लेकिन उद्घोषणा न होने से दिक्कत हो रही है। ऐसे में यह पता ही नहीं चल पाता है कि किस तरफ जाने वाली बस कहां खड़ी है।
पूछताछ केंद्र पर भी एक व्यक्ति को नियमित रूप से मौजूद रहना चाहिए। ताकि यात्रियों को भटकना नहीं पड़े। खासतौर पर महिला यात्रियों को और भी असुविधा होती है।
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वर्जन
डिपो में लगा एनाउंसमेंट सिस्टम खराब है। बनवाने के लिए भेजा जाएगा। पूछताछ केंद्र पर एक रोडवेज कर्मी मौजूद रहता है। यदि यात्रियों को सुविधा नहीं मिल रही है तो जानकारी की जाएगी।
-विजय कुमार गंगवार, एआरएम