शाहपुर। डुमरियागंज नगर क्षेत्र के वार्ड नंबर 11 इंदिरा नगर में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के पांचवें दिन शनिवार की रात कथा वाचक संपूर्णानंद शास्त्री ने श्रीकृष्ण जन्म की कथा सुनाई। इस दौरान मनमोहक झांकियों के साथ श्रीकृष्ण जन्मोत्सव मनाया गया। पूरा पंडाल नंद के घर आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की.., के उद्घोष से गूंज उठा।
कथावाचक ने बताया कि कंस की बहन देवकी का विवाह वासुदेव के साथ हुआ था। देवकी की विदाई के दौरान कंस के लिए आकाशवाणी हुई कि देवकी के आठवें पुत्र के हाथों वह मारा जाएगा। आकाशवाणी सुनकर कंस ने देवकी को मारने के लिए तलवार निकाल ली। तलवार निकालने पर वसुदेव ने कंस से अनुग्रह कर वचन दिया कि देवकी की सभी संतान आपको सौंप दूंगा। कंस ने वासुदेव की बात मान ली और दोनों को कारावास में डाल दिया। कारावास में भगवान कृष्ण का जन्म हुआ। कृष्ण जन्म की कथा सुनकर भक्त भाव विभोर हो गए। इस दौरान भगवान श्रीकृष्ण के बाल्य स्वरूप बालक का मनमोहक झांकियां निकाली गई। पूरा पंडाल नंद के आनंद भयो व जय कन्हैया लाल की.. के उद्घोष से गूंज उठा।
इस दौरान यज्ञाचार्य सत्यम, अजीत, जगदीश गिरी, मुख्य यजमान जयश्री प्रसाद पासवान, अनिल पासवान, प्रिंस पासवान आदि मौजूद रहे।