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Siddharthnagar News: सड़क में गड्ढे बेशुमार... हिचकोलों से बढ़ा दर्द

Wed, 06 May 2026 01:53 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
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सिद्धार्थनगर। अगर आपको शहर से महराजगंज या गोरखपुर तक यात्रा करनी है तो आठ किमी तक सड़क के गड्ढों के बीच हिचकोले खाते गुजरना पड़ेगा। इस मार्ग से प्रतिदिन गुजरने वाले बाइक या अन्य चालकों को कमर, गर्दन और रीढ़ की हड्डी का दर्द उभर चुका है।
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उन्हें इस दर्द से अभी डेढ़ वर्ष तक छुटकारा मिलता नहीं दिख रहा है। कारण जब तक उसका बाईपास का निर्माण कार्य पूरा नहीं होगा, तब तक मदनपुर से उसका नगर के सीमा तक इस आठ किमी सड़क का पुर्ननिर्माण नहीं हो सकेगा।
एनएच-730 पर महराजगंज जिले की सीमा से शहर होते हुए शोहरतगढ़ तक 32 किमी सड़क का निर्माण हो रहा है। इसके तहत आठ किमी लंबे उसका बाईपास का निर्माण हो रहा है। वहीं, पुरानी सड़क पर मदनपुर से उसका नगर पंचायत की पूर्वी सीमा तक सड़क को जस की तस छोड़ दिया है। एनएचएआई के नियमों के अनुसार, उसका बाईपास समेत 32 किमी एनएच का निर्माण कार्य पूरा होने के बाद ही इस आठ किमी छूटी सड़क का पुर्ननिर्माण होगा। इसके बाद एनएचएआई इस सड़क को पीडब्ल्यूडी को हैंडओवर करेगा। तब इस सड़क की देखरेख व मरम्मत की जिम्मेदारी पीडब्ल्यूडी की हो जाएगी।
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वर्तमान में यह सड़क एनएचएआई के अधीन है और इसके पुर्ननिर्माण के लिए नई सड़क के निर्माण कार्य पूरा होने का इंतजार करना होगा। इसमें अभी एक से डेढ़ वर्ष तक का समय लगना तय है। ऐसे में तब तक राहगीर वाहन चालकों को दुर्दशा झेलनी पड़ेगी।
उसका कस्बा से प्रतिदिन शहर आने वाले बाइक सवार राम शंकर का कहना है कि सड़क के गड्ढों के चलते उन्हें कमर व गर्दन के साथ ही रीढ़ की हड्डी में दर्द उभर गया है। चिकित्सकों ने उन्हें बाइक चलाने से मना करते हुए आराम की सलाह दी है।
हर कदम पर गड्ढे, भरने पर उछलते हैं वाहन : आठ किमी लंबी क्षतिग्रस्त हाईवे की इस सड़क पर हर कदम पर गड्ढे बन गए है, जिन्हें कभी-कभार भर दिया जाता है तो सड़क में बने उभार के चलते वाहन उछलते हुए गुजरते हैं।
इससे बाइक और कार समेत अन्य वाहन चालकों के हादसे का खतरा रहता है। छह माह पूर्व इन गड्ढों को भरा गया था। तब यही हाल था, वर्तमान में तो सड़क पर जगह-जगह गड्ढे हो चुके हैं। उसका निवासी रामेश्वर पांडेय कहते हैं कि विभाग की लापरवाही से सड़क का पुर्ननिर्माण अटका हुआ है, जिससे दुश्वारियां बढ़ गई है।ं
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