सिद्धार्थनगर। गर्मी शुरू होते ही बिजली कटौती लोगों के लिए परेशानी का सबब बनती जा रही है। गांव में 12 घंटे बिजली कटौती का फरमान अगले 15 दिनों तक के लिए जारी हो चुका है। गांव में बिजली छह छह घंटे के शिफ्ट में मिलनी शुरू हो गई है, जिससे गांव में आधी रात तक अंधेरा गहराएगा। सर्वाधिक समस्या बोर्ड के परिक्षार्थियों की है जिन्हें रोशनी के अभाव में तैयारी न कर पाने का मलाल हैं।
बस्ती उपकेंद्र के मरम्मत के नाम पर बिजली विभाग ने गांवो में बिजली कटौती का रोस्टर जारी कर दिया गया है। गांव में दो शिफ्टों में बिजली देने की व्यवस्था शुरू की गई है, जिसके अनुसार आधी रात तक गांवों से बिजली गुल रहेगी। जिला पूर्ति विभाग ने इस बार मिट्टी के तेल के आवंटन में भी कटौती की है। ऐसे में बिजली अगले पंद्रह दिन तक भगवान भरोसे हे। बिजली कटौती से सर्वाधिक परेशानी बोर्ड परीक्षा दे रहे बच्चों को हो रही है। देर रात तक विद्यार्थियों की पढ़ाई नहीं हो पा रही है जिसे लेकर वह काफी परेशान हैं। इंटर मीडिएट की परीक्षा दे रहे अमित गुप्ता का कहना है कि बिजली की कटौती से परीक्षा की तैयारी बाधित हो रही है।
बिजली की कटौती बोर्ड परीक्षा के दौरान शुरू करना विभागीय उदासीनता को दर्शाता है। राम हरीश सहानी का कहना है कि चुनाव के वक्त तक विभाग को उच्चीकरण की जरूरत नहीं महसूस हुई चुनाव समाप्त होते ही उपकेंद्र के उच्चीकरण के नाम पर बिजली कटौती कर परीक्षार्थियों को परेशान किया जा रहा है। अंकित यादव का कहना है कि जैसे चुनाव आवश्यक कार्य था उसी प्रकार बोर्ड की परीक्षा भी आवश्यक है इसमें बिजली कटौती करके परीक्षा की तैयारी बाधित की जा रही है।
उमेश पाल का कहना है कि बिजली विभाग उच्चीकरण कार्य बोर्ड परीक्षा के बाद भी करवा सकता था लेकिन इसे बोर्ड परीक्षा के बीच ही शुरू करवाकर बिजली कटौती शुरू की गई। विद्युत विभाग के एक्सईएन घनश्याम मिश्र का कहना है कि कटौती का रोस्टर बस्ती से जारी हुआ है, इसलिए यहां से कुछ नहीं किया जा सकता।