नौगढ़ पशु अस्पताल के पीछे फेंकी गई पशुओं की दवाएं।
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सिद्धार्थनगर। जो दवा पशु पालकों में वितरित होनी थी, उसे विभाग ने स्टोर में दबाए रखा। अब एक्सपायर होने पर उसे कूड़ा में फेंक दिया गया है। पशुओं के लिए उपयोगी सैकड़ों पैकेट दवा कूड़े में फेंकने का मामला नौगढ़ पशु चिकित्सा केंद्र का है। दवाओं की बर्बादी के सवाल पर जिम्मेदार जवाब देने से बचते रहे। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी ने मामले से पल्ला झाड़ते हुए कहा कि जांच कराई जाएगी। हालांकि मामला मीडिया तक पहुंचने के बाद आनन-फानन में इन दवाओं को देर शाम जला दिया गया। दुधारु पशुओं को विभिन्न बीमारियों से बचाव के लिए पशु पालन विभाग में दवाओं की खेप आई थी।
इसे पशु चिकित्सालयों के माध्यम से पशुओं तक पहुंचाया जाना था। नौगढ़ पशु चिकित्सालय पर इन दवाओं को डंप कर लिया गया। पशु पालकों में वितरण की बजाए जिम्मेदार इसे भूल गए। अब नई सरकार की हिदायतों के बाद साफ-सफाई शुरू हुई तो बड़ी मात्रा में पड़ी दवाओं के एक्सपायर होने पर आनन-फानन में उसे कूड़े में फेंक दिया गया। अस्पताल के पिछले हिस्से में फेंकी इन दवाओं में ज्यादातर कृतिनाशक हैं तो कई इंजेक्शन व गोली भी शामिल है। एक्सपायर हुई दवाओं को खुले में फेंकने को लेकर भी तरह-तरह के सवाल उठ रहे हैं।
कायदे से इन्हें गड्ढे में दफनाया जाना चाहिए, मगर खुले में फेंकना बड़ी लापरवाही है। बहरहाल इस संबंध में मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. फणीश सिंह से संपर्क किया गया तो उन्होंने इसकी जानकारी से इनकार किया। बाद में बोले कि जांच कराते हैं। अगर ऐसा है तो जांच के बाद संबंधितों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। जांच की बात तो दूर कुछ ही देर बाद पशु पालन विभाग के कर्मचारी मौके पर पहुंचे और दवाओं को जला दिया।