इटवा। तहसील क्षेत्र के ग्राम रमवापुर उर्फ विशुनपुर में निर्माणाधीन शिरोपरि जलाशय (पानी की टंकी) का ऊपरी हिस्सा सोमवार दोपहर आई तेज आंधी में क्षतिग्रस्त होकर लटक गया। राहत की बात यह रही कि उस समय मौके पर कोई मजदूर या ग्रामीण मौजूद नहीं था, जिससे किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई।
जानकारी के अनुसार, विकास खंड खुनियांव के इस गांव में उत्तर प्रदेश जलनिगम (ग्रामीण) की ओर से पाइप पेयजल योजना के तहत करीब 32.41 लाख रुपये की लागत से पानी की टंकी का निर्माण कार्य कराया जा रहा है। इसी दौरान टंकी के ऊपरी हिस्से में जिंक एल्यूमिनियम कंटेनर (स्टील स्ट्रक्चर) की असेंबली का काम चल रहा था, जिसे अभी पूरी तरह फिक्स नहीं किया गया था।
ग्रामीणों के मुताबिक, जलापूर्ति के लिए पाइपलाइन का कार्य अलग ठेकेदार की ओर से पहले ही पूरा किया जा चुका है, जबकि टंकी का निर्माण कार्य अभी अधूरा था। सोमवार को अचानक आई तेज आंधी के चलते टंकी के ऊपरी हिस्से में लगी स्टील संरचना असंतुलित होकर लटक गई। साथ ही, मजदूरों के लिए बनाए गए अस्थायी छाजन की टिन उड़कर खेतों में जा गिरा। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि उस समय मजदूर काम पर मौजूद होते तो बड़ा हादसा हो सकता था। घटना के बाद गांव में निर्माण कार्य की गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों को लेकर चर्चा शुरू हो गई है।
इस संबंध में उत्तर प्रदेश जलनिगम (ग्रामीण) के अधिशासी अभियंता संजय कुमार जायसवाल ने बताया कि जिंक एल्यूमिनियम शीट की असेंबली प्रक्रिया चल रही थी और संरचना को पूरी तरह फिक्स नहीं किया गया था। तेज आंधी के कारण कुछ शीट्स अपने स्थान से विस्थापित हो गईं।