इटवा कस्बे में लगा जाम ,रेंगती नजर आयी गाडियां।
इटवा कस्बे में लाइलाज होती जा रही है जाम की समस्या, हर घंटे मुसीबत में फंसते हैं राहगीर
इटवा। स्थानीय कस्बे में प्रशासनिक उदासीनता के चलते आए दिन लगने वाला जाम अब लाइलाज होता जा रहा है। बृहस्पतिवार को जाम लगने से इटवा कस्बे के मुख्य चौराहे से बढ़नी रोड पर दो किमी, डुमरियागंज मार्ग एक किमी और बांसी व बिस्कोहर मार्ग पर पांच-पांच सौ मीटर में वाहनों का घंटों जमावड़ा रहा। इसके चलते सड़कों पर वाहन रेंगते नजर आए। इस जाम से स्थानीय लोगों को कस्बे में एक रोड से दूसरे रोड पर जाने के लिए घंटों जाम के झाम में जूझना पड़ा। सबसे अधिक परेशानी उन व्यापारियों को हो रही है, जिन्होंने दुकान से दूर गोदाम बना रखे हैं।
नगर पंचायत इटवा मुख्यालय का मुख्य मार्ग हमेशा जाम की जद में रहता है। इटवा-बढ़नी और इटवा-बांसी दोनों मार्ग यहीं पर क्राॅस होता है। सड़क पर अतिक्रमण और एकाएक बड़ी गाड़ी के आ जाने से जाम की स्थिति बन जाती है। यह रोज की समस्या बन गई है। बृहस्पतिवार को तो ऐसा जाम लगा कि लोगों का पसीना छूट गया। घंटों परेशान होना पड़ा। कस्बावासी इसके लिए कुछ चालकों को जिम्मेदार बता रहे हैं। उनका कहना है कि कुछ चालक सामानों की खरीदारी करने के लिए वाहनों को कही भी और कभी भी रोक देते हैं। पुलिस भी ऐसे वाहनों के प्रति उदासीन बनी हुई है।
कस्बा निवासी इटवा कस्बे के बढ़नी रोड पर व्यवसाय कर रहे इकबाल कहते हैं कि इस जाम के चलते घर जाने की हिम्मत नहीं हो पाती है। अगर किसी तरह घर पहुंच भी जाता हूं तो लौटने में जाम के चलते शाम हो जाती है। कस्बा निवासी रिजवान अहमद सिद्दीकी कहते हैं कि जाम अब लाइलाज हो गया है। पेट्रोल व डीजल की कमी के बावजूद इस जाम के चलते वाहन चालकों को रोजाना कुछ तेल जलाना उनकी मजबूरी बन गई है। इस पर नगर पंचायत प्रशासन के ठोस कदम उठाने की जरूरत है, जिससे निजात मिल सके।
इस संबंध में एसओ इटवा संजय कुमार मिश्र का कहना है कि जाम न लगे। इसके उपाय किया जाएगा।