चिल्हिया। क्षेत्र के गौरा बाजार में चल रही संगीतमयी रामकथा के पांचवें दिन बुधवार को भक्ति और श्रद्धा का अद्भुत संगम देखने को मिला। अलीदापुर स्थित गौरा बाजार चौराहे पर आयोजित सात दिवसीय कथा में कथावाचक आचार्य संतोष शुक्ल ने प्रभु श्रीराम की बाल लीलाओं से लेकर राम-विवाह तक के प्रसंगों का भावपूर्ण वर्णन किया, जिसे सुन श्रद्धालु भाव विभोर हो उठे।
कथा की शुरुआत में आचार्य संतोष शुक्ल ने भगवान राम के जन्म और उनकी बाल लीलाओं का मनोहारी चित्रण किया।
उन्होंने बताया कि किस प्रकार प्रभु श्रीराम ने अपनी लीलाओं से माता-पिता और अयोध्यावासियों को आनंदित किया। साथ ही यह भी कहा कि जब भगवान मनुष्य रूप में अवतरित होते हैं तो अपनी लीलाओं के माध्यम से समाज को धर्म के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देते हैं।
इसके बाद राम-विवाह और धनुष यज्ञ का प्रसंग शुरू होते ही पूरा पंडाल जयघोष से गूंज उठा। कथावाचक ने विस्तार से बताया कि किस प्रकार महर्षि विश्वामित्र के साथ श्रीराम और लक्ष्मण जनकपुर पहुंचे, जहां प्रभु श्रीराम ने शिव धनुष भंग कर अधर्म का नाश किया। इसके बाद परशुराम-लक्ष्मण संवाद और माता सीता स्वयंवर का वर्णन कर विवाह प्रसंग को जीवंत कर दिया। कथा के दौरान मधुर भजनों पर श्रद्धालु झूमते-नाचते नजर आए और पूरा वातावरण भक्ति में सराबोर रहा।