पुलिस अधिक्षक कार्यालय परिसर में जोगिया क्षेत्र के नादेपार गांव के ग्रामीणों से बात करते एसपी
सिद्धार्थनगर। जोगिया कोतवाली क्षेत्र के नादेपार गांव में युवक की चाकू मारकर हत्या की घटना में नया मोड आ गया है। सोमवार को परिवार के लोग और ग्रामीण एसपी कार्यालय पहुंच गए और विरोध प्रदर्शन किया। उनका कहना था कि हत्या में दो और लोग शामिल थे, वे पकड़े भी गए थे लेकिन उन्हें पुलिस बचाने का काम कर रही है। मामले में व्यापार मंडल अध्यक्ष की अगुवाई में पुलिस अधीक्षक से वार्ता हुई और उन्होंने कार्रवाई का आश्वासन दिया। इसके बाद गांव के लोग मान गए। वहीं, दोपहर बाद विवेचना क्राइम ब्रांच को ट्रांसफर कर दिया गया। जबकि दो सिपाही को वहां से हटाकर दूसरे थाने पर भेज दिया गया।
जोगिया कोतवाली क्षेत्र के नादेपार गांव के लोग शिवम हत्याकांड के मामले में कार्रवाई की मांग को लेकर कलक्ट्रेट पहुंचे यहां से फिर पुलिस कार्यालय पहुंच गए और विरोध करने लगे। सैकड़ों की संख्या में पहुंचे लोगों साथ व्यापार मंडल अध्यक्ष अजय कसौधन ने कहा कि कार्रवाई नहीं होने पर बड़ा आंदोलन किया जाएगा।
मृतक के पिता इंद्रेश कसौधन ने कहा कि 10 मार्च को पुत्र शिवम कसौधन की निर्मम हत्या प्रिंस वर्मा एवं उसके सहयोगियों ने गला काटकर कर दी। थाना जोगिया उदयपुर की पुलिस ने विवशता का घोर अनुचित लाभ उठाया। पुलिस ने अस्पताल परिसर में उन्हें विश्वास में लेकर, बिना सहमति और बिना वास्तविक तथ्यों को जाने, धोखे से कोरे कागजों पर हस्ताक्षर करवा लिए। बाद में पता चला कि पुलिस ने स्वयं ही मनगढ़ंत और अधूरी कहानी लिखकर प्राथमिकी दर्ज कर ली। एक आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। जबकि मुख्य साजिशकर्ताओं के नाम जानबूझकर छोड़ दिए गए। मामले की जांच करके कार्रवाई की जाए। वहीं, मौके पर पहुंचे एसपी डॉ. अभिषेक महाजन ने ग्रामीण और परिवार के लोगों से मिलकर कार्रवाई का आश्वासन दिया।
थाने से दो पुलिसकर्मियों को हटाया, विवेचना क्राइम ब्रांच को
देर शाम दो पुलिस कर्मियों को थाने से हटाकर अलग-अलग थानों में भेज दिया गया। जबकि विवेचना को जोगिया कोतवाली से हटाकर क्राइम ब्रांच को सौंप दिया गया। इस संबंध में पुलिस अधीक्षक डॉ. अभिषेक महाजन ने बताया कि ग्रामीण और परिवार के लोग आए थे। मामले की कार्रवाई करते हुए जांच क्राइम ब्रांच को भेज दिया गया है।