पिछली बार उद्घाटन के पहले ही खराब हुआ था सेंसर, एक सप्ताह बाद हुआ था उद्घाटन
सोमवार से ही खराब हैं कंपोनेंट मशीन का सेंसर, नहीं हैं प्लेटलेट्स व पीआरबीसी
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज में कंपोनेंट यूनिट का सेंसर दो माह में दूसरी बार खराब हो गया है। इस कारण ब्लड बैंक में प्लेटलेट्स व पीआरबीसी भी उपलब्ध नहीं है। इससे मरीजों को अलग-अलग रक्त कणिकाओं के लिए दूसरे जिले में जाना पड़ रहा है।
मेडिकल कॉलेज के ब्लड बैंक में तीन साल से कंपोनेंट यूनिट लगाने का सिलसिला चल रहा था, जबकि मशीन आने के चार माह बाद लाइसेंस भी मिल गया। पिछले दो माह में दो बार सेंसर खराब होने से मरीजों को इसका कोई लाभ नहीं मिल पा रहा हैं। जबकि इस बार सोमवार से ही ब्लड बैंक के कंपोनेंट मशीन का सेंसर खराब हो गया है। इससे रक्त कणिकाओं को अलग करने का कार्य पूरी तरह से ठप है, जबकि पहले जब होल ब्लड को अलग-अलग रक्त कणिकाओं में बदला जाता था तो प्रतिदिन दो से तीन यूनिट प्लेटलेट्स व पीआरबीसी को मरीज ले जाते थे, जबकि सोमवार से मशीन खराब होने से मरीजों को अलग-अलग रक्त कणिकाओं के लिए दूसरे जिले में जाना पड़ रहा है। इससे मरीजों को असुविधा का भी सामना करना पड़ रहा हैं। बार-बार मशीन सेंसर खराब होने से व ब्लड बैंक में खून की कमी होने से प्रतिदिन मरीजों को नई-नई समस्याओं से जूझना पड़ रहा है।
सेंसर खराब होने से ठप पड़ गई प्रक्रिया
सिद्धार्थनगर। कंपोनेंट मशीन का सेंसर खराब होने से पूरा मशीन कार्य करना बंद कर दिया। सेंसर से प्लेटलेट एक्जीलेटर नार्मल तापमान पर रोटेट करवाता है। कंपोनेंट मशीन का सेंसर 40 डिग्री सेल्सियस से 80 डिग्री सेल्सियस तक प्लाज्मा को रखता है। स्वास्थ्य विभाग के जिम्मेदारों के अनुसार कंपोनेंट मशीन का सेंसर बनने में अभी भी एक सप्ताह लगेगा।
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ये हैं ब्लड
होल ब्लड 20 यूनिट
पीआरबीसी शून्य यूनिट
प्लेटलेट्स शून्य यूनिट
एफएफपी 121 यूनिट
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सोमवार को ही कंपोनेंट मशीन की सेंसर खराब होने की सूचना मिली है। कंपनी को लेटर लिखा गया है। जल्द ही सेंसर सही करवा दिया जाएगा, जिससे कंपोनेंट मशीन निर्बाध संचालित होती रहे।
-डॉ. राजेश मोहन, प्राचार्य मेडिकल कॉलेज