संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। दवा कारोबारी दंपती मोहन अग्रवाल आैर अंजू अग्रवाल की संदिग्ध हाल में हुई मौत को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं हैं। पड़ोसी दिनेश मिश्रा की मानें तो सुबह 5:55 बजे टहल कर लौटे मोहन अग्रवाल से उनकी मुलाकात घर के सामने हुई। करीब 6:30 बजे मोहन के घर से उनके बेटे राहुल के चीख सुनाई दी। ऐसे में 35 मिनट में ही दंपती के साथ अनहोनी की आशंका है।
सुसाइड नोट मिलने के बाद आत्महत्या की आशंका जाहिर की जा रही है, लेकिन केस जिस प्रकार से दिख रहा है, वैसा लग नहीं रहा है। कितनी जल्दी दोनों ने गला रेत लिया, यह समझ से परे है। फिलहाल पुलिस की गहन जांच जारी है। पुलिस की जांच के बाद ही वास्ततिक स्थिति स्पष्ट होगी। टहलकर आने के बाद पड़ोसी किराएदार से मिले थे मोहन : लोगों के मुताबिक मोहन नियमित रूप से सुबह सैर पर निकलते थे। बृहस्पतिवार सुबह भी वह निकले थे। पड़ोसी किराएदार शिक्षक दिनेश मिश्र से हमेशा हालचाल होता था। दिनेश के मुताबिक हर दिन की तरह वह अपने बरामदे में झाड़ू लगा रहे थे। करीब 6:00 बजे मोहन से प्रतिदिन की तरह नमस्ते हुई। इसके बाद मैं अपने कमरे में चला गया। कुछ ही मिनट बाद उनके लड़के राहुल के चिल्लाने की आवाज आई कि मम्मी को क्या हो गया, पापा को क्या हो गया। जब वह दौड़कर गए तो सोफे पर बैठे हुए मृतक का शरीर झुका था। नाक और गले से खून बह रहा था। तत्काल गले में पट्टी बांधकर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाने के लिए ग्राउंड फ्लोर से नीचे लाए। इतने में उनकी सांसें रुक गईं।
वहीं, राहुल ने बताया कि पापा मंगलवार को बाइक से बिना बताए कहीं गए थे। वहां से लौटने के बाद में थोड़ा बेचैन थे, लेकिन हम लोगों ने किसी भी प्रकार की पूछताछ नहीं की। पुलिस के पूछे जाने पर राहुल ने बताया कि पापा के ऊपर करीब 20 लाख रुपये कर्ज था।
उसमें 12 लाख रुपये बैंक में दिए जा चुके थे। क्योंकि दुकान का हिसाब-किताब पिताजी देखते थे। इसलिए जितनी भी जानकारी लेने की थी उनकी थी।
राहुल ने बताया कि प्रत्येक दिन के तरीके से अपनी बेटी के लिए दूध लाने के लिए पापा के कमरे में गया। कमरे में जाने के लिए दरवाजे को धक्का दिया। इसके बाद अंदर का दृश्य देखकर डर गया और मैं चिल्लाने लगा। शोर सुनकर बगल में रह रहे अध्यापक दिनेश मिश्र आए और पापा को अस्पताल ले जाने के लिए नीचे लेकर गए। तब तक उनका दम निकल चुका था। मम्मी बेड पर लेटी हुई थीं।
ससुराल में रहता था छोटा बेटा: मृतक के दो पुत्र एक और पुत्री है। इसमें बड़ा बेटा राहुल अग्रवाल (39), पत्नी व बच्चों के साथ पिता के सामने वाले कमरे में रहता है। जबकि, दूसरा बेटा रोहन ससुराल में रहता है। वहीं, बेटी खुशबू उर्फ गोल्डी की शादी बलरामपुर में हुई है। बड़ा बेटा पिता के साथ मेडिकल स्टोर पर रहता था। मौत के बाद उसका रो-रोकर बुरा हाल है।