नियमितकिरण, मानदेय वृद्धि सहित अन्य मांगों को लेकर मिड-डे-मील रसोइयां कर्मचारी यूनियन ने बुधवार को बीएसए कार्यालय पर धरना दिया। मांगों के समर्थन में नारे लगाए और मुख्यमंत्री को ज्ञापन प्रेषित किया। चेतावनी दी कि अगर शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को उग्र रूप दिया जाएगा।
जिलाध्यक्ष विजय नाथ तिवारी ने कहा कि प्रदेश व केंद्र की सरकार रसोइयां कर्मचारियों की समस्याओं पर ध्यान नहीं दे रही है। काम के अनुरुप रसोइयां कर्मचारियों को मानदेय नहीं दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि रसोइयों को नियमित किया जाए, महंगाई को देखते हुए मानदेय 18 हजार रुपये प्रतिमाह किया जाए, बकाया मानदेय जल्द भुगतान किया जाए। मानदेय में भुगतान में हो रही कटौती को बंद किया जाए। श्याम लाल शर्मा ने कहा कि सरकार मिड-डे-मील व्यवस्था को निजीकरण करने का प्रयास कर रही है। अगर ऐसा हुआ तो प्रदेश के छह लाख से अधिक रसोइयों के रोजगार पर संकट खड़ा हो जाएगा। उन्होंने कहा कि अगर मांगे जल्द पूरी नहीं की गई और व्यवस्था को निजीकरण किया गया तो सड़क से सदन तक आंदोलन किया जाएगा। संयोजक उर्मिला विद्रोही ने कहा कि प्रधानाचार्य व ग्राम प्रधान रसोइया का शोषण करते हैं, इसे बंद किया जाए। कहा कि अगर मांगे जल्द पूरी नहीं हुई तो आंदोलन को बाध्य होंगे। इस दौरान अर्जुन दुबे, राजेंद्र प्रसाद गौड़, पंकज प्रसाद गौड़ राधिका देवी, प्रमिला देवी, र्निमला, शांति देवी, मालती, केशमती, गुजराती, राधिका देवी आदि मौजूद रहे।