पूर्व माध्यमिक विद्यालय खम्हरिया में गेट पर लटकता ताला।
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डुमरियागंज। शासन व विभाग के लाख दावों के बाद परिषदीय विद्यालयों में पठन-पाठन का स्तर सुधरने का नाम नहीं ले रहा। यहां पढने वाले बच्चों के ज्ञान का स्तर इतना कम है कि वे अपने देश के प्रधानमंत्री तक नाम नहीं बता पा रहे। नामांकन के सापेक्ष बच्चों की उपस्थिति बेहद कम है। भनवापुर विकास क्षेत्र के परिषदीय विद्यालयों की स्थिति शुक्रवार को भी बदहाल दिखी।
सुबह 10:45 बजे प्राथमिक विद्यालय जिवाराई पर प्रधानाध्यापिका वंदना सिंह के साथ सहायक अध्यापक परवेज अहमद, तौलनराम, राजन सिंह उपस्थित रहे। पंजीकृत 101 बच्चों में सिर्फ 14 ही मौजूद थे। यहां कक्षा 5 के रमेश ने प्रधानमंत्री का नाम पूछने पर महेशदत्त पांडेय बताया। सुबह 11:35 पर पूर्व माध्यमिक विद्यालय खम्हरिया बंद मिला। 11.40 बजे प्राथमिक विद्यालय खम्हरिया पर सहायक अध्यापक रणजीत व भवानी प्रसाद मौजूद थे। उन्होंने बताया कि प्रधानाध्यापक संदीप श्रीवास्तव ब्लाक पर प्रशिक्षण में गए हैं। 102 के सापेक्ष 10 बच्चे स्कूल में पढ़ते मिले। यहां एमडीएम नहीं बन रहा था। कक्षा 5 के छात्र अजय ने अपना थाना सिद्धार्थनगर और जिला डुमरियागंज बताया। यहां भी बच्चों ने पीएम की जगह प्रधान का नाम बताया। अंत में 11.55 पर प्राथमिक विद्यालय मल्हवार में प्रधानाध्यापिका मंजू मिश्रा बच्चों को पढ़ाती मिलीं।
सहायक अध्यापक कमलाकांत अवकाश पर तो रामसकल अनुपस्थित मिले। यहां कक्षा 5 के अगंद ने तहसील के नाम, भनवापुर बताया। यहां विद्यालय के भवन की दीवार भी फटी हुई है जिससे कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है। मगर इन सबसे जिम्मेदार बेपरवाह बने हुए हैं। इस संबंध में भनवापुर खंड शिक्षाधिकारी मनीराम वर्मा ने कहा कि जहां भी लापरवाही की शिकायत मिल रही है, उनका नाम नोट करवाया जा रहा है। मतगणना के बाद लापरवाही बरतने वाले जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।