चंडीगढ़ कोर्ट, हाईकोर्ट, अदालत, न्यायालय
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सिद्धार्थनगर। नगर पालिका परिषद सिद्धार्थनगर को दूसरे की जमीन पर कब्जा महंगा पड़ गया। हाईकोर्ट ने पीड़ित को 43.66 लाख रुपये का मुआवजा देने का आदेश दिया है। दरअसल, पिठनी घाट पर चल रहे बैकुंठधाम व छठ घाट बनाने के काम के दौरान दूसरे की जमीन तक निर्माण करा दिया गया। पीड़ित ने इसके खिलाफ शिकायत की लेकिन सुनवाई नहीं होने पर अदालत का रुख किया।
नगर पालिका परिषद सिद्धार्थनगर की ओर से वर्ष 2014-15 में शहर के उत्तरी-पूर्वी छोर पर बुद्धनगर वार्ड के पिठनी घाट पर एक करोड़ 58 लाख की लागत से बैकुंठधाम व छठ घाट निर्माण की स्वीकृति प्रदान की गई। इसके बाद निर्धारित गाटा संख्या में कार्य शुरू हुआ, लेकिन बगल में ही एक व्यक्ति के गाटा संख्या में भी निर्माण कराए जाने लगा। इसके बाद शेखनगर गोबरहवा निवासी सरोश अहमद ने जिला प्रशासन से शिकायत करते हुए न्याय देने की गुहार लगाई, पर जिम्मेदारों ने अनसुना कर दिया। लिहाजा सरोश ने उच्च न्यायालय इलाहाबाद में याचिका दायर की। सुनवाई के बाद न्यायालय ने मुआवजा देने का निर्णय सुनाया।