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नजर में है मास्टरमांइड, पकड़ से कोसों दूर

Thu, 05 Nov 2015 11:32 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/ सिद्धार्थनगर
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पुलिस के पास मूर्ति चोरों के नेटवर्क का पूरा खाका मौजूद है, लेकिन  उसके हाथ बंधे हुए है। नेपाल के सीमावर्ती क्षेत्र में बैठे नेटवर्क के मास्टर मांइड पुलिस की नजर में हैं, लेकिन वह पकड़ से कोसों दूर है। इनकी गिरफ्तारी के लिए अब गेंद नेपाल पुलिस के पाले में है, अगर वह सहयोग करती है तो जनपद पुलिस को एक बड़ी सफलता मिलनी तय है, इसी उम्मीद में अधिकारी भी बैठे हुए हैं।
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ढेबरूआ थाना क्षेत्र के ग्राम हृदयनगर से चोरी की गई अष्टधातु की मूर्तियों को नेपाल के रास्ते विदेश भेजा जाना था। पुलिस ने दावा कर रही है कि खरीदार अभी भी सीमा के पार मौजूद है। वह नजर में तो है, लेकिन दूसरे देश का मामला होने के कारण हाथ बंधे हुए है।
नेपाल पुलिस के सहयोग से उनके धरपकड़ की कार्रवाई करने की तैयारियों की जा रही है। इस संबंध में और भी जानकारियां जुटाई गई है। खुफिया विभाग ने भी कई सूचनाओं को एकत्र किया है, जिसके सहारे सफलता मिलेगी। गिरोह के अन्य सदस्यों के हाथ लगने की उम्मीदें बलवती हो गई है।
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बता दें कि नेपाल सीमा के बढनी बार्डर से सटे चरगहवां नाला के पास बीते गुरुवार को मुखबिर की सूचना पर पुलिस व एसएसबी की संयुक्त टीम ने छापा मारने की कार्रवाई किया। जिसमें अष्टधातु की नौ, जिनमें राम, लक्ष्मण, सीता, सूर्यदेव, शंकर व हनुमान की एक-एक एवं विष्णु की तीन मूर्तियां बरामद किया।
चोरी में संलिप्त तीन व्यक्तियों को गिरफ्तार भी किया। मूर्तियों की अंर्तराष्ट्रीय बाजार में 4 करोड़ रुपये आंकी गई। पुलिस के अनुसार बार्डर पार मूर्ति के खरीदार नेपाल के सीमावर्ती क्षेत्र में बैठे हुए थे। मूर्ति चोरों के गिरोह गांव की पंगडंडी व पहाड़ी नाला के सहारे सीमा पार करना था।
सूत्रों के मुताबिक पूछताछ में ज्ञात हुआ था कि चोरी की गई मूर्तियां नेपाल के रास्ते दक्षिण एशियाई देश में ले जाना था। वहां से अंर्तराष्ट्रीय बाजार में मूर्तियों को ले जाया जाता। क्राइम ब्रांच के सीओ शंकर प्रसाद गुप्ता ने बताया कि चोरी की घटना के बाद पुलिस सतर्क हो गई है।
नेपाल में बैठे नेटवर्क के मास्टरमांइड की गिरफ्तारी का प्रयास किया जा रहा है। इनकी गिरेबां तक हाथ पहुंच गए तो बड़े अंर्तराष्ट्रीय नेटवर्क का खुलासा होने की संभावना है। पकड़े गए आरोपियों ने बताया है कि मूर्तियां नेपाल के सीमावर्ती कस्बे में सौंपना था। खरीदारों का लोकेशन मिल चुका है।
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