जिले के लोगों को असमय काल का ग्रास बना रहे एक्यूट इंसेफेलाइटिस सिंड्रोम (एईएस) के कहर ने अंतर्राष्ट्रीय स्वास्थ्य संस्थाओं को भी चिंतित कर दिया है।
इस बीमारी पर नियंत्रण के लिए सेंटर्स फॉर डिजिज कंट्रोल एंड प्रीवेंसन (सीडीसी) अटलांटा खुद आगे आई है। संस्था ने एईएस से बुरी तरह प्रभावित जिले को गोद ले लिया है। संस्था के सदस्यों की विजिट भी हो चुकी है। अब जल्द ही यहां एईएस के नियंत्रण के लिए संस्था जमीनी स्तर पर काम शुरू करेगी।
सीडीएस से जुड़ने के बाद जिले में समय से उपचार न मिलने के कारण एईएस से हो रही मौतों का सिलसिला थमने की उम्मीद जताई जा रही है।
दूषित पेयजल के सेवन से होने वाला एक्यूट इंसेफेलाइटिस सिंड्रोम स्वास्थ्य विभाग के लिए बड़ी चुनौती साबित हो रहा है। पर्याप्त संसाधन न होने के कारण इस रोग से पीड़ित मरीजों का समय से पहचान नहीं हो पाती। तत्काल उचित इलाज न मिलने के कारण साल-दर साल मौतों का सिलसिला बढ़ता जा रहा है। वर्ष 2014 में ही एईएस की चपेट में आकर 32 ने जान गंवाई थी।
इस बार भी कुछ महीनों के अंदर ही अब तक 44 मरीज सामने आ चुके हैं। एईएस के बढ़ते कहर के आगे बेबस बने स्वास्थ्य महकमे की मदद के लिए अंतर्राष्ट्रीय एजेंसी सीडीसी अटलांटा ने खुद पहल की है। संस्था के डॉ. जेम्स, डॉ. एचएसएन हुसैन व डॉ. पूर्णिमा की तीन सदस्यीय टीम ने निरीक्षण कर जिले का जायजा भी लिया था।
उन्होंने बीमारी को लेकर जिले की हालत पर चिंता भी जताई थी। टीम की रिपोर्ट के बाद सीडीसी अटलांटा ने जिले को गोद लिया है। टीम जल्द ही जिले में काम शुरू करेगी।