गोरखपुर। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय और संबद्ध कॉलेजों में छह मई को बीए एलएलबी 10वें सेमेस्टर की परीक्षा में पांच दिन पहले ही पेपर बंट जाने के मामले में दो स्तरों पर जांच होगी। विधि संकाय के अधिष्ठाता से भी जांच कर रिपोर्ट मांगी गई है, जबकि शुक्रवार को दो सदस्यीय समिति भी गठित कर दी गई। समिति से यथाशीघ्र जांच कर रिपोर्ट मांगी गई है।
बताया जा रहा है कि विधि संकाय की ओर से शुक्रवार की शामत तक रिपोर्ट प्रेषित नहीं की गई है। इस मामले में दो स्तरों में से किसी एक में चूक की आशंका जताई जा रही है। मॉडरेशन के बाद पेपर रखते समय लिफाफे बदल गए या प्रिंटिंग के बाद बंडलिंग करते समय यह चूक हुई है। डीडीयू प्रशासन का कहना है कि मामले में जांच के बाद दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
छह मई को निरस्त परीक्षा अब 13 को होगी
छह मई को निरस्त परीक्षा 'इंटरनेशनल रिफ्यूजी लॉ' (कोड- बीएएल 760) की परीक्षा अब 13 मई को पूर्व निर्धारित केंद्रों पर पूर्व निर्धारित समय पर होगी। इसके अलावा 11 मई को होने वाली परीक्षा उसी दिन होगी। इस संबंध में परीक्षा नियंत्रक डॉ. कुलदीप सिंह की ओर से आवश्यक दिशा-निर्देश शुक्रवार को जारी कर दिया गया।
यह है मामला
बीए एलएलबी 10वें सेमेस्टर के पेपर 'इंटरनेशनल रिफ्यूजी लॉ' (कोड- बीएएल 760) की परीक्षा छह मई को तीन केंद्रों पर आयोजित हुई थी। इस दौरान तीनों केंद्रों पर विद्यार्थियों को प्रश्नपत्र 'लॉ ऑफ इंटरनेशनल ऑर्गनाइजेशंस' (कोड- बीएएल 762) बांट दिया गया। इसे लेकर हल्ला मचा तो पता चला कि सभी प्रश्नपत्रों के बंडल पर पेपर कोड बीएएल-760 अंकित था, जबकि अंदर प्रश्नपत्र पेपर कोड बीएएल-762 के थे। इसके बाद छह मई वाली परीक्षा निरस्त कर दी गई थी। डीडीयू प्रशासन के निर्देश पर 11 मई की परीक्षा के लिए दूसरा पेपर सेट तैयार किया गया था।
बोलीं कुलपतिइस संबंध में कुलपति प्रो. पूनम टंडन ने बताया कि मामले में विधि संकाय के अधिष्ठाता से जांच रिपोर्ट मांगी गई है। इसके अलावा जांच समिति भी गठित कर दी गई। समिति की रिपोर्ट के आधार पर आगे नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।